Oashin: How She Made 1 Crore With IDIGITALPRENEUR ? | Affiliate Marketing



Are you looking for a way to make money online? Oashin shares her story of how she made 1 crore with IDigitalpreneur and how …

  • 0:03 | [संगीत]
  • 0:22 | [संगीत]
  • 0:34 | तब पापा ने ना अपने फ्रेंड से कहा था कि भाई इतने का उधार दे दे उन्होंने एक चीज बोली थी कि सुरेंद्र अगर तेरा इतना नहीं
  • 0:40 | हो पा रहा है तो तू क्यों इतना कर रहा है जितनी चादर है उतने पैर फसाना मेजर सेटबैक ये था कि मुझे अपने पेरेंट्स को जो है वो
  • 0:46 | कन्वे करने में कन्वेंस करने में बहुत टाइम लगा क्यों तुझे पैसे लेने हैं मेरे पास नहीं और जो उनके चेहरे प खुशी थी ना
  • 0:53 | जिस दिन हम शोरूम में गए और हमने गाड़ी परचेस करी वो मैं वर्ड्स में तो डिस्क्राइब ही नहीं कर सकती मैं लिटरली
  • 0:59 | डिस्क्राइब नहीं कर सकती मैं यहां से कुछ करके दिखा दूंगी मुझे अंदर से इनट्यूशन आ रही है बस आप मेरे पर विश्वास कर लो ओन
  • 1:06 | आपका बहुत-बहुत स्वागत है हमारे पॉडकास्ट प कैसे हैं आप अमेजिंग थैंक यू सो मच सर मोस्ट वेलकम मोस्ट वेलकम सबसे पहले देखो
  • 1:12 | हम जानते हैं आपको हमें पता है कि ओशन की जर्नी क्या रही है एंड आज के टाइम प थाउजेंड ऑफ पीपल फॉलो यू न
  • 1:30 | तो नहीं होगा बट देन बहुत लोग ऐसे भी होंगे जो इस पॉडकास्ट को पहली बार देख रहे होंगे और वहां से पता लग रहा होगा किसी
  • 1:35 | ऐसी लड़की के बारे में जिनका नाम ओ तो उनके लिए थोड़ा सा मेरे को बैकग्राउंड बताओ अपना कि हाउ यू एक्चुअली स्टार्टेड
  • 1:42 | ठीक है किस तरीके से आपकी शुरुआत हुई थी पहले की लाइफ कैसी थी थोड़ा सा बैकग्राउंड ताकि लोगों को पता लगे कि कहां से आ रहा
  • 1:48 | हैय इंसान ठीक है तो थोड़ा सा पीछे चलते हैं जब स्टार्ट किया था तब मेरी जर्नी इस
  • 1:54 | हिसाब से रही थी कि मुझे कुछ लाइफ में हट के करना था हमेशा से ही मेरा यही था कि
  • 1:59 | भाई नॉर्मल एवरेज लाइफ मुझे नहीं जीनी है तो जब स्टार्ट किया था तब लाइक मेरा शुरू
  • 2:05 | से ही ऐसा था कि मुझे लाइफ में थोड़ा सा डिफरेंट करना है मैं 20-25 हज की नौकरी के ऊपर सरवाइव मुझे नहीं लगता कि मैं इसके
  • 2:10 | लिए बनी हूं और मुझे पता था कि मेरे सपने इससे भी बड़े हैं और मुझे कुछ हट के करना है क्योंकि मैं अपने फैमिली को स्टार्टिंग
  • 2:17 | डेज से देख रही थी कि वो पैसों के लिए जो भी चीजों के झगड़े होते हैं इतना ज्यादा क्राइसिस हो गए थे कि हमें गोल्ड तक अपना
  • 2:24 | बेचना पड़ गया था जो भी एक मिडिल क्लास फैमिली से हम यू नो मैं बिलोंग करती हूं तो ओबवियसली कई बारी हमें ऐसी सिचुएशंस आ
  • 2:30 | जाती हैं जब हमारे घर में गोल्ड भी बिका और बहुत सारी चीजें लड़ाइयां होती थी पैसों को लेकर के तो उधर से ही एक चीज की
  • 2:37 | किक तो हमेशा मिल गई कि भाई इतना कुछ बन जाना है लाइफ के अंदर कि भाई पैसों की दिक्कत जो है मेरी फैमिली में कभी ना आए
  • 2:43 | और झगड़े जो है वो मेरी फैमिली में पैसों को लेकर के तो एटलीस्ट ना हो नो डाउट आज तो घर वाले बहुत प्राउड फील कर रहे होंगे
  • 2:50 | लड़की ने घर गाड़ी घोड़ा मकान जो करना है वो सब कर रही है अच्छे तरीके से कर रही है बट उस टाइम पे क्या था तभी हम समझ पाएंगे
  • 2:57 | कि खुशी का लेवल क्या है उस टाइम पे क्या सीन था थोड़ा सा बताओ अगर आज से 5 साल पहले बात करी जाए तो एकदम मिडिल क्लास
  • 3:04 | फैमिली चल रही थी घर के ऊपर लोन था हमारे ठीक है 12 लाख का कर्जा था हमारे घर पे हर
  • 3:10 | एक चीजें मतलब ऐसा था कि बस खर्चा पानी लाइक रोटी कपड़ा मकान वो सारी चीजें चल रही थी हमारे घर में नॉर्मली ठीक है बट
  • 3:17 | कोई चीज अगर हमें एक्स्ट्रा से लेनी है ना लाइक एसी लेना है वाशिंग मशीन लेनी है तो
  • 3:23 | कहते हैं ना सोचना पड़ता था 10 बारी सोचना पड़ता था और कई बारी ऐसा होता था कि भाई लेना ही अब पड़ेगा क्योंकि मजबूरी बन गई
  • 3:30 | है उसके बिना गुजारा ही नहीं है तो अब लेना ही पड़ेगा तो उसके लिए गोल्ड भी बिका है ठीक है इधर-उधर से हमने अरेंजमेंट्स
  • 3:36 | करके कर्जे भी लिए हैं घर से भी लाइक कभी मामू से मांग लिए कभी फैमिली में किसी से
  • 3:41 | मांग लिए राइट और वहां से भी बातें सुनने को मिलती थी मुझे आज भी याद है जो चीज मुझे सबसे ज्यादा हिट करी थी उससे पहले तो
  • 3:46 | मेरी लाइफ इजली नॉर्मली चल रही थी भाई मैं अपना पढ़ाई के ऊपर ध्यान दे रही थी पर वहां से जब एक चीज हुई थी कि मुझे आज भी
  • 3:54 | याद है कि हमने एसी लेना था ठीक है एसी लेना था एंड उतने पैसे नहीं कलेक्ट हो पा
  • 4:01 | रहे थे ठीक है 40 500 हजार का कुछ इतना अमाउंट था तो नहीं हो पा रहा था उतना
  • 4:06 | अमाउंट जितना क्योंकि मेरे पापा जो है वो प्राइवेट जॉब है उनकी ठीक है वो महीने का मतलब ऐसा होता था कि हम सिर्फ जो यू नो
  • 4:14 | रोटी वगैरह जो भी चीजें हैं उसी में ही हमारा गुजारा चलता था हम एक्स्ट्रा से अलग एक्सपेंस अगर करें तो हमारे लिए थोड़ा
  • 4:20 | बर्डन हो जाता था तो क्योंकि मेरी कॉलेज की फीस भी जाती थी स्कूल का भी जो भी ट्यूशन वगैरह है राइट साइड बाय साइड वो भी
  • 4:27 | चल रहा होता था तो यहां से ना य चीज मेरे माइंड में आई थी कि जब मेरे पापा ने यू नो
  • 4:33 | एसी यू नो लेना था ठीक है हमारी फैमिली में जब बात हो रही थी एसी की तब पापा ने
  • 4:38 | ना अपने फ्रेंड से कहा था कि भाई इतने का उधार दे दे तो मेरे जो फ्रेंड पापा के
  • 4:44 | फ्रेंड थे उन्होंने एक चीज बोली थी कि सुरेंद्र अगर तेरा इतना नहीं हो पा रहा है तो तू क्यों इतना कर रहा है जितनी चादर है
  • 4:49 | उतने पैर फसाना क्यों तुझे पैसे लेने हैं मेरे पास नहीं है और जब पापा ने आकर के ये
  • 4:55 | चीज मुझे घर पर बताई थी ना कि वो दोस्त मुझे ऐसा बोल रहा है मुझे मुझे इतनी पिंच करी ना बात की ओशीन तू 18 साल की हो गई है
  • 5:03 | चादर लंबी करके दिखानी है अब तो चादर लंबी करके दिखानी है तू 18 साल की हो गई है एटलीस्ट इतनी तो कैपेबल बन जा कम से कम कि
  • 5:10 | खुद के लिए खर्चे उठाने लग जा क्योंकि मुझे एक चीज पता थी अगर मैं खुद के लिए कैपेबल बन गई ना तो अपने घर के खर्चे तो
  • 5:15 | मैं उठा ही लूंगी अपने पेरेंट्स को मैं फाइनेंशली हेल्प कर लूंगी ट्स ल यहां से एक चीज मेरे को याद आती है हम हमेशा कहते
  • 5:21 | हैं कि भाई इंसान ना एक्चुअल इंसान वो है जो इस बात में नहीं फसता क्योंकि सुना हर
  • 5:26 | किसी ने है किसने नहीं सुना मेरे को बता दो कमेंट सेक्शन के अंदर कि भाई हमने ने फैमिली में नहीं सुना 100% सुना है कि जितनी लंबी चादर हो उतने घर पसार हो उतने
  • 5:33 | पैर पसार हो ठीक है जरूरत से ज्यादा करने की जरूरत नहीं है बट असली इंसान वही है क्योंकि इंसान को इंसान बनने के मायने तभी
  • 5:40 | समझ में आते हैं जब पैसे के माया जाल से बंदा बाहर निकलता है तो असली इंसान तो वही है जो ये सोचे कि चादर लंबी मिलती तो है
  • 5:47 | मार्केट में मैं अपनी औकात कैसी इतनी बड़ी करूं कि मैं उस मार्केट के चादर को खरीद के लेके आऊ जो लंबी चादर है लड़की ने वो
  • 5:54 | चीज करी है जीता जागता एग्जांपल है बहुत बढ़िया यार मैं ये जानना चाह रहा हूं कि जो कॉन्फिडेंस अभी ये बात कर ना है जो
  • 5:59 | आवाज में दम है या जिस तरीके से आप कॉन्फिडेंटली अपनी बात रख पा रहे हो तो यह हमेशा से था क्या हमेशा से तो बिल्कुल
  • 6:07 | नहीं था अगर मैं अपनी स्टोरी बताऊं तो मैं इतना ज्यादा इंट्रोवर्ट हूं ना इतना ज्यादा और
  • 6:13 | अभी भी ऐसा है मतलब अगर कोई नॉर्मल मेरे साथ बातचीत कर रहा है तो सिंपल मैं बोल लेती हूं ठीक है बट अगर कोई मेरे साथ चार
  • 6:19 | पांच छह दोस्त बैठ जाए कोई भी हो जाए तो मैं नहीं बोलती हूं क्योंकि नहीं बोल पाती क्योंकि मेरा जो नेचर है वो इंट्रोवर्ट है
  • 6:26 | थोड़ा सा ठीक है बट अपनी अगर अपने थॉट्स को एक्सप्रेस करना तो वो मैं कॉन्फिडेंटली कर लेती हूं अब ये जो मैंने स्किल्स सीखी
  • 6:32 | है वो यहीं पर ही आके सीखी है काम करते करते करते करते जब शुरुआत में मैंने शुरू किया था तब इतना में बहुत बहुत ज्यादा
  • 6:38 | नर्वसनेस होती होती थी ठीक है सही से हेसिटेशन इतना होता था कि बोल भी नहीं पाती थी अब थोड़ा सा वो चीजें जो है
  • 6:45 | इंप्रूव हुईया काम करते करते और लर्निंग मेक्स द मैन परफेक्ट राइट बारबार बार बार आप सेम चीजें प्रैक्टिस कर रहे हो बोल रहे
  • 6:51 | हो तो ओबवियसली वो कॉन्फिडेंस जो है वो आपकी बातों में लगता है एटली क्योंकि आपने उतनी बारी प्रैक्टिस कर ली है ना ओशन किस
  • 6:58 | चीज ने आपको बहुत ज्यादा इंस्पायर किया इस इंडस्ट्री को चूज करने के लिए अफिट मार्केटिंग को चूज करने के लिए आ अपने और
  • 7:04 | को चूज करने के लिए व्हाट इंस्पायर्ड यू द मोस्ट आपको लगा कि यार लेट्स ट्राई इट आउट करना चाहिए जैसे मैंने पहले भी बताया था
  • 7:11 | कि एफिलिएट मार्केटिंग में आने से पहले मैंने काफी सारी चीजें ट्राई करी थी मैंने फ्रीलांसिंग करी थी मैंने ब्लॉगिंग करी थी
  • 7:17 | मैंने नेटवर्क मार्केटिंग भी करी थी तो वहां पर ना जब मैं फ्रीलांसिंग कर रही थी मैं ब्लॉगिंग कर रही थी तो मैंने ना एक
  • 7:22 | चीज जो थी ना वो रिलाइज करी थी कि चीजें सीखने में बहुत ज्यादा टाइम जा रहा है और नो डाउट इन दैट मैं देने के लिए भी रेडी
  • 7:28 | हूं बट एटलीस्ट वो आउटपुट तो निकले थोड़ा तो आए क्योंकि जब तक ओबवियसली मनी इज द
  • 7:34 | मोटिवेशन अगर हम अपना 100% दे रहे हैं बट कुछ भी नहीं आ रहा है तो वो अंदर से ना
  • 7:40 | डिमोटिवेशन वाली फीलिंग आ जाती है कि भाई यार सही रास्ते पर तो है ना हम क्योंकि वो टाइम मुझे अभी भी याद है जब मैं अपना लाइक
  • 7:47 | 121 घंटे दे रही हूं मैं फ्रीलांसिंग कर रही हूं मैंने
  • 7:59 | पर कुछ भी नहीं बन पा रहा था पता नहीं शायद सही डायरेक्शन में नहीं जा रही थी शायद कोई सही पर्सन नहीं मिला था शायद
  • 8:04 | वहां पर मैं लैक कर रही होंगी तो जब नेटवर्क मार्केटिंग के अंदर आई थी तो वहां पर भी यही सेम स्ट्रगल मैं फेस कर रही थी
  • 8:10 | कि मेहनत कर रही हूं मेहनत कर रही हूं नहीं हो पा रहा है छ महीने दिए सात महीने दिए एक टाइम ऐसा आ गया था कि भाई मुझे लगा
  • 8:17 | कि क्योंकि घर वालों से भी प्रे क लगता है थोड़ा सा इस प मैं रोकूंगा क्यों लगता है वहां प क्यों नहीं हो पा रहा था वहां प
  • 8:23 | मुझे अब जाकर के रिलाइज होता है कि कोई ना सपोर्ट करने वाला नहीं था कोई सही डायरेक्शन देने वाला नहीं था क्योंकि मैं
  • 8:28 | अके ही कर रही थी इस पॉइंट प मैं आऊंगी क्योंकि मैंने क्यों एफिलिएट मार्केटिंग चूज करी और मैंने क्यों आईडीबी को ही चूज किया तो जब मैं वहां पर कर रही थी तो
  • 8:36 | सपोर्ट नहीं मिल पा रहा था कहां गलती कर रही हूं कहां पर इंप्रूवमेंट करनी है क्योंकि वहां पर ना कुछ स्ट्रक्चर्ड वे
  • 8:41 | में नहीं था ठीक है कोर्सेस मैंने लिए बट वही था कि ऑनलाइन था कोई वन टू वन टच नहीं था वो सारी चीजें चल रही थी फिर नेटवर्क
  • 8:48 | मार्केटिंग के अंदर ट्राई किया था वहां पर भी बहुत ज्यादा चीजें मेहनत करी थी पर नहीं हो पा रहा था उसके बाद क्योंकि जब
  • 8:55 | जितना टाइम मैंने वहां पर दिया था ना और जब मुझे एफिलिएट मार्केटिंग के बारे में में पता लगा तो मैंने सोचा कि यार जब इतनी
  • 9:01 | सारी चीजें ट्राई करी है तो ये भी ट्राई करके देख लेती हूं क्या पता यहां पर बात बन जाए और लकिली यहां पर बात बन भी गई
  • 9:06 | मेरी एफिलिएट मार्केटिंग के अंदर जब आई थी तो सबसे बेस्ट पार्ट मुझे यहां पर ये लग रहा था कि एफिलिएट मार्केटिंग तो बहुत
  • 9:12 | सारे अदर कंपनीज भी हैं अब एफिलिएट मार्केटिंग हम amazon2 से भी कर सकते हैं
  • 9:29 | वही चीज थी क उर सपोर्ट नहीं मिल रहा था और
  • 9:59 | काम किया वहां पर ये चीज इसीलिए जो था मेरा लैक कर रहा था दूसरी चीज वाली बात
  • 10:05 | यहां पर यह है कि सपोर्ट बहुत ज्यादा था जो मुझे वहां पर सपोर्ट नहीं मिला वो यहां पर मुझे सपोर्ट मिला मुझे लोगों ने गाइड
  • 10:12 | किया ठीक है एंड सबसे बड़ी बात है मैनेजमेंट टीम इतनी अच्छी है सपोर्टिव है ठीक है अगर आप कहीं प कहीं पे भी कोई गलती
  • 10:20 | करते हो ना तो ये नहीं कि आपको फीलिंग आए कि भाई आप जज हो रहे हो ठीक है आपको प्रॉपर्ली गाइडेंस मिलता है आपको सही सही
  • 10:27 | को सही गलत को गलत और गलत को गलत भी तो अच्छे तरीके से हां कि सामने वाले को बुरा ना लगे सामने वाले को ऐसा ना लगे कि अरे
  • 10:33 | यान मैंने गलती कर दी है ना उसको बुरा फील किए बिना उसको ठीक कर देना करेक्ट तो ये
  • 10:38 | चीज मुझे सबसे ज्यादा इंस्पायर करी थी कि क्यों मैंने डस्टन और क्यों और एक चीज ये
  • 10:43 | भी ये भी था कि द मैन बिहाइंड ओ तेरी दिस कंपनी द विजनरी मैन क्योंकि ओबवियस सी बात
  • 10:50 | है मैं आपको बहुत टाइम से ऑब्जर्व कर रही थी मैं आपको 2019 से मैं जानती हूं ठीक है हां मैं 2019 से आपको जानती हूं मैं चीजों
  • 10:57 | को ऑब्जर्व कर रही थी पर तो लॉकडाउन से भी पहले की बात बता रहे हो जब इतना ग्रोन नहीं था हां मैं जानती थी आपको क्योंकि
  • 11:03 | आपके youtube0 था कि मैं उस इंडस्ट्री में उस
  • 11:08 | टाइम पे नहीं आई थी बस मैं सिर्फ आपको देख रही थी कि ऐसा ही होता है ना कि रैंडम कोई वीडियो दिख गई कोई वायरल अगर आपकी वहां पर
  • 11:15 | उस टाइम पर आपकी कुछ वीडियोस वायरल जा रही थी और वो चीज मुझे अपने फीड के ऊपर दिख गया था तो वहां से मैंने आपके बारे में
  • 11:22 | थोड़ा जानना पहचाना और लॉकडाउन के अंदर जो है ये चीजें और ज्यादा बूम करी थी क्योंकि हर एक इंसान बंद था हर एक इंसान फ्री था
  • 11:29 | वो उसी टाइम को यूटिलाइज कर रहा था चलो बहुत जबरदस्त एंड द परफेक्ट आंसर वई यू
  • 11:35 | चूज अफिट मार्केटिंग एंड एड होल एस स्पेशल कंपनी देखो सक्सेस स्टोरी ना तब सबसे
  • 11:41 | ज्यादा स्पेशल बन जाती है जब आप खुद कमाते हो ऐसी बहुत सारी ल्स भी हमने देखि कि यार पैसा तब मजा देता है या फिर कामयाबी का
  • 11:47 | वहां मतलब है कामयाबी वो नहीं होती जब आपके पापा पैसे कमा रहे हो और आप घमंड कर रहे हो ठीक है सक्सेस वो होता है जब आप
  • 11:53 | पैसे कमा रहे हो और आपका पूरा खानदान आपके ऊपर गर्व कर रहा है घमंड कर रहा है तो आपने एक्चुअली 6 महीने में एक करोड़ रुप
  • 12:00 | किया विच इज अ वेरी बिग डील बहुत जबरदस्त बात है इस पूरी जर्नी के दौरान क्या चैलेंज फेस किए और क्या माइल्ड स्टोस
  • 12:07 | क्रिएट किए क्या वो माइंडसेट रहा है आपका क्यों कर पाए आप ये चीज क्योंकि करना हर
  • 12:12 | कोई चाह वही है ना कामयाब हर इंसान होना चाहता है बट कामयाबी भी कुछ चाहती है तो
  • 12:17 | वो देने वाला इंसान ही कामयाब हो पाता है तो क्या माइल स्टोस रहे हैं क्या चीजें सीखी है और क्या बड़े चैलेंज आपने फेस किए
  • 12:24 | इस दौरान थोड़ा बताओ चैलेंस की तो अगर मैं बात करूं तो बहुत सारे चैलेंज रहे और अगर
  • 12:29 | मैं चैलेंज गिनवाला पॉडकास्ट उसी में ही चला जाएगा बट हां एक जो मेजर चैलेंज था
  • 12:36 | क्योंकि एक चीज ये भी थी कि मैंने ना चैलेंज को चैलेंज की तरह एक तरीके से देखा नहीं क्योंकि चैलेंज हर एक इंसान की लाइफ
  • 12:41 | के अंदर आते हैं उसको चैलेंज को मैंने एंजॉय जो है उस फेस को एंजॉय करते करते जो
  • 12:47 | है वो सारी चीजों को मैंने कंटिन्यू किया पर अगर एक चीज की बात करी जाए वो मेन यह थी कि मेरी लाइफ के अंदर जो सबसे बड़ा
  • 12:53 | चैलेंज था अपने पेरेंट्स को कन्वेंस करना कि भाई मुझे कुछ डिफरेंट करना है अपनी लाइफ के अंदर और एक चीज ऐसी भी आ गई थी कि
  • 13:00 | बीच में मुझे ऐसा लगा था कि मैं जो स्टडीज कर रही हूं उसके अंदर मुझे आगे जो है ना वह स्कोप नहीं दिख रहा था नहीं दिख रहा था
  • 13:06 | और क्टी पता है नहीं है क्योंकि मुझे ऐसा था कि भाई अगर मैं अपना क्योंकि मैंने मैं
  • 13:12 | बीएससी कर रही थी ठीक है एंड बीएससी में मुझे जितना भी मैंने अपना टाइम दिया था मुझे ऐसा था कि मुझे इसमें अपना फ्यूचर तो
  • 13:19 | नहीं दिख रहा है और अगर फ्यूचर नहीं दिख रहा है तो टाइम वेस्ट करने की बजाय कहीं और लगा लूं इसी को तो समझदारी बोलते हैं
  • 13:27 | इसी को समझदारी बोलते हैं और वहां पर पर जब मैंने अपना ये इंक्लाइंड किया फोकस इंक्लाइंड किया कि भाई यहां पर तो कुछ हो
  • 13:33 | नहीं रहा है कहीं और देख ले तो वहां पर मैंने एक डिसीजन बनाया जो कि बहुत ज्यादा स्ट्रांग डिसीजन था कि मैंने सोचा कि भाई
  • 13:39 | अब ड्रॉप कर लो कॉलेज ड्रॉप करने का डिसीजन मैंने घर वालों को बताया ओबवियसली शाबाश तो वो मुझे देंगे नहीं कि बढ़िया
  • 13:46 | बढ़िया कि आपने दही शक्कर तो खिलाने से रहे दही शक्कर तो खिलाने से रहे मेरी पीठ थपथपा से तो रहे कि भाई तुमने बहुत अच्छा
  • 13:52 | काम किया बैठो घर पे क्योंकि एक चीज थी मेरे पेरेंट्स भी गलत नहीं थे हमारी पेरेंट्स की मेंटालिटी क्या होती है कि
  • 13:58 | भाई पढ़ो पढ़ लिख कर के जॉब करो तभी तुम कामयाब बनोगे अदर वाइज तुम हां तुम्हें इस दुनिया में तो कोई पूछने वाला है नहीं बट
  • 14:05 | उनको ये चीज नहीं पता ना कि भाई जॉब के अलावा भी बहुत सारी 36 चीजें हैं करने वाली जॉब इज नॉट द ओनली सोर्स तो वो चीज
  • 14:12 | हमेशा से रही थी पर पेरेंट्स को ये चीज समझाना क्योंकि मुझे ऐसा था कि भाई मेरे पेरेंट्स तो समझ जाएंगे क्योंकि मैं जो
  • 14:18 | हूं वो सिंगल गर्ल चाइल्ड हूं ठीक है सिंगल गर्ल चाइल्ड हूं अपने पेरेंट्स की इकलौती औलाद हूं तो मुझे ऐसा था कि भाई
  • 14:24 | समझ जाएंगे बट मुझे नहीं पता था इतना टफ होगा उनको समझाना क्योंकि वो समझ के लिए रेडी ही नहीं थे वो चाहते थे कि भाई तुम
  • 14:30 | ड्रॉप मत करो अगर तुमने ड्रॉप कर लिया तो मैं तुम्हें फाइनेंशली शायद हेल्प ना कर पाऊं तुम देख लो या तो तुम्हें ये करना है
  • 14:37 | या तो तुम्हें ये करना है अगर तुम्हें यहां पर बत टफ डिसीजन रहा होगा भाई बहुत टफ डिसीजन था अगर तुम्हें ड्रॉप आउट को
  • 14:44 | चूज करना है तो मैं फाइनेंशली नहीं हेल्प कर पाऊंगा तुम देखो और उस टाइम पे मैं कुछ कमा भी नहीं रही थी और मेरे लिए थोड़ा सा
  • 14:51 | क्योंकि कमाना इन द सेंस मतलब कमा रही थी पर उतना इतना नहीं हो पा रहा था कि भाई मैं अपने खर्चे उठा पाऊ इतना नहीं हो पा
  • 14:58 | रहा था तो मेरे लिए भी ये डिसीजन भी टफ था क्योंकि अगर मैंने वो चीज चूज करी जो कि मेरे पेरेंट्स के अगेंस्ट है तो शायद भाई
  • 15:05 | सपोर्ट ना मिले और ओबवियस बात है जब हमें एक फैमिली सपोर्ट जो होता है ना वो बहुत क्रुशल होता है बहुत क्रुशल होता है भाई
  • 15:10 | और अगर हमारी फैमिली सपोर्ट कर रही है हमें बहुत बढ़िया और अगर नहीं सपोर्ट कर रही तो ओबवियसली ये तो था कि भाई कामयाब
  • 15:16 | बन जाएंगे तो सपोर्ट करेंगे ही पीठ थपथपा आएंगे ही वो चीज थी कि मेजर सेटबैक ये था कि मुझे अपने पेरेंट्स को जो है वो कन्वे
  • 15:23 | करने में कन्वेंस करने में बहुत टाइम लगा कि मम्मी पापा मुझे थोड़ा सा टाइम दे दो मैं यहां से कुछ करके दिखा दूंगी मुझे
  • 15:30 | अंदर से इंटू आ रही है बस आप मेरे पर विश्वास कर लो ये एक लक भी कह सकते हैं
  • 15:38 | फॉर्चूनेटली भी रेडी नहीं होते वो चीज उन्होने या फिर उनके खुद के अंदर इतना
  • 15:46 | कन्विंसिंग अपने मां-बाप को समझा पाए क्योंकि मां-बाप समझने के लिए तैयार होते हैं एक्चुअली देखा जाए तो कोई मां-बाप ये
  • 15:52 | नहीं है जो एकदम ही रिजडन हो कि अपने बच्चे को कुछ नया सीखने को हम भेजें इनफैक्ट इंडिया में तो
  • 15:59 | एजुकेशन प इंसान जान झोक देता है यार एटली तो शायद बंदे में खुद ही वो स्पार्क नहीं हो रहा होता या शायद इतना कॉन्फिडेंस
  • 16:05 | जितना आपको अपने ऊपर था बिकॉज यू हैव डन यू मतलब यू हैव बीन देयर इन द इंडस्ट्री
  • 16:11 | आपने तीन चार साल दिया शायद आपने देखा कि मैं कर सकती हूं कैपेबिलिटी तो है बट जस्ट
  • 16:16 | सपोर्ट नहीं है और शायद चीजें प्लेस नहीं हो रही है व उस हिसाब से नहीं चल रही तो आपको लगा कि यार ये सही जगह है यहां पे
  • 16:23 | मैं दे सकती हूं और आपको कॉन्फिडेंस अपने ऊपर था आपने अपने घर वालों को समझा लिया हम बहुत सही बहुत सही और कोई चैलेंज मेजर
  • 16:30 | चैलेंज यही था जो कि यू नो जब मुझे ऐसा लगा कि भाई यार पेरेंट्स ही अगर मुझे
  • 16:36 | सपोर्ट नहीं करेंगे तो मैं किस हिसाब से आगे ग्रो कर पाऊंगी क्योंकि मेंटर्स थे नहीं और कुछ सही डायरेक्शन भी नहीं मिल पा
  • 16:42 | रहा था क्योंकि एक अंदर से हो रहा था कि भाई आगे मैं इतनी चीजें कर चुकी हूं ट्राई अब पता नहीं अगर ये चीज भी मैं करती हूं
  • 16:49 | जिस [संगीत] कन्विंसेस जो है ना वो अजीब ही टोंट
  • 16:57 | मारेंगे बहुत गंदे बहुत गंदा टंट मारेंगे और एक रिस्क फैक्टर ही था क्योंकि मैं कर
  • 17:03 | तो रही थी पर अंदर से वो चीज थी कि भाई और कर सकती हूं पुश मिल सकता है जो टाइम मुझे छ क्योंकि मैंने पाच पांच सेमेस्टर कर लिए
  • 17:10 | थे सिक्सथ सेमेस्टर में आ कर के मुझे ऐसा लगा कि जो मैंने छ महीने यहां पर देने हैं वो छ महीने में एफिलिएट मार्केटिंग को दे
  • 17:16 | देती हूं आईडीबी के अंदर बेसिकली दे देती हूं क्या पता यहां से जो है और मेजर्ली क्योंकि पार्ट टाइम में कर रही थी उतना
  • 17:22 | मैं नहीं दे पा रही थी अपनी स्टडीज के साथ यहां एक नोट है जरूरत नहीं है हर कोई इंसान कहीं मोटिवेट होके डिसीजन लेने पे आ
  • 17:29 | जाए कि यार मैं भी ड्रॉप आउट कर लेती हूं मैं पूरा वो कर लूंगी देखो हर किसी का ना अपना अपना खुद का डिसीजन होता है जैसे
  • 17:35 | मेरा मेरा भी अपना एक डिसीजन रहा है मेरे घर वाले इतने रिजडन ज्यादा रिजडले के सच
  • 17:41 | बताऊं तो मैं इतना कॉन्फिडेंट नहीं था जितना वो शन थी ठीक है मैं क्योंकि आई हैड
  • 17:46 | नोबडी अराउंड मी जो मेरे को ये बोल दे गलती से भी बोल दे कि यार मैं तेरी उंगली पकड़ लूंगा अगर तू गिरा ठीक है तो मैं ने
  • 17:53 | रिस्क नहीं लिया ये वाला मेरे घर वालों ने बोला कि बेटा डिग्री कंप्लीट करनी है मैंने डिग्री कंप्लीट करी ठीक है ठीक है
  • 17:58 | वहीं पे आपने अपने ऊपर इतना विश्वास किया कि आपने डिग्री कंप्लीट नहीं करी तो मैं यहां पे बोलूंगा कि हर इंसान की अपनी अपनी
  • 18:04 | लाइफ है अपनी अपनी समझ है आपको अपने ऊपर कितना विश्वास है उस परे डिपेंड करता है कि आप अपनी लाइफ का कौन सा डिसीजन लो कौन
  • 18:11 | सा मत लो मोटिवेशन में लिया हुआ हर वो काम घातक साबित हो सकता है याद रखना ठीक है तो
  • 18:17 | मोटिवेशन नहीं अपने आप को समझ के लेना डिसीजन और आपने अपने आप को समझ के ही लिया था राइट आगे और बताओ जब ये चीज हुई तो
  • 18:24 | वहां पर काम करना स्टार्ट किया क्योंकि अब मेरे पास पूरा टाइम था साइड बाय साइड जो मेरा कॉलेज चल रहा था वहां से तो मैंने
  • 18:29 | ड्रॉप ही कर लिया था यहां पर टाइम दे रही थी फिर इजली यू नो और अच्छी-अच्छी चीजों
  • 18:35 | में इन्वेस्ट किया ठीक है कुछ सर्कल्स में ऐसे गई मेंटर शिप्स ग्रैब करी ठीक है लोगों के साथ यू नो कनेक्शंस बनाने
  • 18:42 | स्टार्ट किए जो अच्छा कर रहे हैं एफिलिएट के अंदर बेसिकली उनसे बातचीत करना सीखना शुरू किया और अच्छे से अंदर डीप लेवल के
  • 18:49 | अंदर जाने लग गई कि भाई पहले जो मैं टाइम दे रही थी वहां पर जो मैं था मैं 20 25 3 हज कमा रही थी ठीक है कभी 20 हो रहा था
  • 18:56 | कभी 25 हो रहा था क्योंकि डेफिनेट इनकम तो होती नहीं आई यहां पे है ना राट एवरी मास्टर वाज वंस अ बिगनर याद रखना हर इंसान
  • 19:01 | जो आज 25 20 हज कमा रहा है कभी आज 2 लाख रप महीना कमाने वाले भी 20 2 हज महीना कमा
  • 19:08 | रहे थे ऐसा तो हो सीधा पेट से निकलते ही जमप सीधा 25 ऐसा तो नहीं होता ना बक बक तो
  • 19:14 | वहां से जब स्टार्ट किया था तो लोगों को ऑब्जर्व किया था लोगों के यू नो मेंटरशिप
  • 19:20 | को ग्रब किया था कि वो किस हिसाब से कर रहे हैं जब बातचीत करनी स्टार्ट करी तब पता लगा कि कुछ डिफरेंट नहीं है बस
  • 19:27 | माइंडसेट का खेल है अगर आपने अपने माइंडसेट को स्ट्रांग कर लिया अगर आपने यू
  • 19:32 | नो जिस हिसाब से आप पुराने जो तरीकों को फॉलो कर रहे थे अपनी गलतियों को ऑब्जर्व
  • 19:38 | करो जर्नलाइज करो कि पहले क्या मिस्टेक्स कर रहे थे और ये मिस्टेक्स को अब रिपीट नहीं करना है बस वही वाली चीज एग्जांपल
  • 19:44 | फॉर एग्जांपल ऐसा कौन सा आपने मिस्टेक अपना खुद का ग्रैब किया था कि यार ये मैं गलती कर रही थी और ये मुझे नहीं करनी है
  • 19:50 | एक एग्जांपल देके बताओ ओके सो पहले मैं ये गलती करती होती थी कि मैं ना अपने डे को शेड्यूल नहीं करती होती थी मेरा दिन कहां
  • 19:57 | पर निकल जाता था मुझे कोई आईडिया नहीं लगता था ठीक है वर्क लाइफ बैलेंस मैं नहीं कर पाती थी अगर मैं काम कर रही हूं तो मैं
  • 20:04 | पूरा पूरा काम कर रही हूं ठीक है और अगर फैमिली के को भी मैं टाइम नहीं दे पाती थी उनके साथ भी ऐसा था कि भाई अगर उनके पास
  • 20:10 | भी बैठी हूं तो काम ही करी जा रही हूं वर्क लाइफ एकदम अनबैलेंस था टाइम स्केड्यूल नहीं था पता ही नहीं लग रहे हैं
  • 20:15 | कब सो रहे हैं कब उठ रहे हैं कब काम कर रहे हैं कुछ स्केड्यूल नहीं था स्केड्यूल करना स्टार्ट किया टाइम को मैनेज करना
  • 20:21 | स्टार्ट किया टाइम मैनेजमेंट स्किल्स सीखी पीपल स्किल्स सीखी पहले कुछ ऐसा था कि स्किल्स के बारे में थोड़ी सी कम नॉलेज थी
  • 20:28 | लोगों के साथ किस हिसाब से इंटरेक्ट करना है अपने आप को किस हिसाब से कॉन्फिडेंट अपनी पर्सनालिटी को किस हिसाब से यू नो
  • 20:34 | शोकेस करना कैरी करना है कैसे कॉन्फिडेंट जो है वो दिखना है वो चीजों की नॉलेज नहीं
  • 20:40 | थी इन छोटी छोटी छोटी छोटी चीजों के ऊपर वर्क किया था पैसों की काफी बात कर ली हमने और मुझे लगता है कि करनी भी चाहिए
  • 20:46 | क्योंकि हमने पैसा बहुत कमाया है बट यह जानना चाहता हूं कि यार पैसा कमाने के लिए स्किल कितना जरूरी है मतलब एकदम जेनुइन
  • 20:54 | लेवल पे क्योंकि हम बोलते तो बहुत है कि स्किल्स जरूरी है क्या आपको फील होता है कि आज आपके के अंदर जो स्किल है सिर्फ वही
  • 20:59 | पैसा लेके आ रहा है आप नहीं लेके आ रहे बिल्कुल है नाने मैं नहीं लेके आ रहा पैसा
  • 21:04 | मैंने जो स्किल को ग्रैब किया है जो चीजें सीख ली है जो मेरे दिमाग को पता है वो पैसा लेके आता है इस पर थोड़ा आप अपना
  • 21:11 | प्रकाश डालिए बताइए थोड़ा अच्छे से कि स्किल कितना जरूरी है और क्याक स्किल्स एक्चुअली सीखे हैं इस थ्रू आउट द जर्नी
  • 21:18 | आपने सबसे पहली बात तो यहां पर यह है कि इंडिया के अंदर बेरोजगारी बहुत ज्यादा है इतनी बेरोजगारी है कि जो नॉलेज हमें
  • 21:25 | ऑलरेडी ग के ऊपर इधर उधर मिल इंटरनेट पे वो नॉलेज ऑलरेडी है सा थीटा कस थीटा क्या
  • 21:31 | है इसका रियल लाइफ में कोई जो है वो यूज नहीं है पर हमें फिर भी पढ़ाया गया अब वो जो किताबी एजुकेशन होती है फॉर्मल एजुकेशन
  • 21:38 | जो होती है वो जरूरी है एक तरीके से क्योंकि अगर वही चीज नहीं होगी तो शायद मैं आपसे कम्युनिकेट ही नहीं कर पाऊंगी
  • 21:43 | अगर मुझे बेसिक चीजें ही नहीं पता मुझे बेसिक मैनर्स ही नहीं पता क्योंकि वो तो कॉलेज में ही हम स्कूल में ही सीखेंगे ना
  • 21:49 | अगर हमें वो नॉलेज ही नहीं है तो हम लोगों के साथ किस हिसाब से इंटरेक्ट कर पाएंगे वो नॉलेज मैंडेटरी है जो कि हर एक इंसान
  • 21:55 | को लेनी ही चाहिए और वो जरूरी भी है क्योंकि कि वो अगर उसको वो नहीं होगी तो उठना बैठना उसको पता ही नहीं होगा कि
  • 22:00 | लोगों के साथ किस हिसाब से किस वे से कम्युनिकेट करना है दूसरी जो नॉलेज होती है वो होती है सेल्फ एजुकेशन पर्सनल लेवल
  • 22:08 | पे आप क्या अलग से सीख रहे हो आपका स्कूल कॉलेज जो भी आपको सिखा रहा है वो तो ठीक है पर उसके अलावा आप अपने ऊपर कितना ध्यान
  • 22:15 | दे रहे हो वो बहुत ज्यादा जरूरी है जो कि हर एक इंसान को सीखना चाहिए तभी वो एक
  • 22:20 | लाइफ के अंदर अपना ग्रो कर पाएगा क्योंकि अगर वो नौकरी लेने भी जाता है तो भाई हमारे जैसे कितने सारे लोग हैं ना कितने
  • 22:27 | सारे कैंडिडेट्स लाइन लगा के खड़े हैं लाइन लगा के खड़े हैं और बॉस का भी यही सवाल होता है भाई तुम्हें क्यों चूज करूं
  • 22:32 | वहां पर इतने सारे लोग हैं वहां पर इतने सारे बाहर कैंडिडेट्स बैठे हैं तुम्हारे अंदर इतना डिफरेंट क्या चीज है कि उसको ना
  • 22:39 | लेकर के मैं तुम्हें चूज करूं और वो डिफरेंट जो यून क्वालिटी होती है ना वो होती है कि तुम्हारी एक्स्ट्रा स्किल्स
  • 22:47 | तुम्हारी पढ़ाई को हट कर के तुम्हारे पास क्या अलग है तुम्हारा पर्सनालिटी तुम्हारा
  • 22:52 | कम्युनिकेशन तुम्हारी मार्केटिंग स्किल्स तुम्हारी मैनेजमेंट स्किल्स बहुत सारी चीजें हैं तो वो स्किल्स के ऊपर अगर अब यह
  • 23:00 | जरूरी नहीं है कि तुम्हें हर एक स्किल ही सीखनी है तुम्हें हर एक में परफेक्ट बनना है बाय द टाइम जो भी चीजें यहां से मैंने
  • 23:06 | चीजें सीखी है मुझे एक चीज मैंने सबसे बड़ा लेसन लिया है कि चीजें उतनी सीखो जितनी तुम्हारे फील्ड की रि लिए जरूरत हो
  • 23:13 | क्योंकि इस दुनिया में ज्ञान तो बहुत भर भर के है बहुत भरा पड़ा है
  • 23:28 | लाइन हो जाएगी वो तुम्हारी पूरी की पूरी गेम को चेंज कर देगा वो तुम्हारी लाइफ को चेंज कर देगा तो वो लेसन उतना ही पकड़ो जो
  • 23:34 | तुम्हारे रिक्वायरमेंट का हो जो तुम्हारे हिस्से का हो बहुत काम की बात बोली है
  • 23:40 | यहां पे कुछ ज्ञानी लोग मेरे दिमाग में अचानक से फ्लैश हो गए कुछ ज्ञानी लोग तो बस मैं उनको बोलना चाहता हूं अगर आप ये
  • 23:46 | पॉडकास्ट देख रहे हैं होता क्या है ना हम बड़े एनर्जेटिक होते हैं और स्पेशली ये जो एज होती है 18 साल से लेकर 24 साल हमारे
  • 23:52 | में एनर्जी भरी पड़ी रहती है और आज के टाइम पर पिछले पाच सात साल में जब से ये
  • 23:57 | डिजिटल सेक्टर बूम हुआ है जिओ आया है इतनी सारी वीडियोस चलती हैं तो एवरी बडी विल टीच यू समथिंग और अदर थिंग जिस चीज में वो
  • 24:05 | अच्छा है वो बताएगा बहुत सारे डिजिटल गुरूज है बहुत सारे लोग अपनी तरह की चीज बताते हैं कि आप कोर्स बेच सकते हो कई
  • 24:11 | सारे लोग इस चीज का वो बनाते हैं कि आप रील्स कैसे वायरल कर सकते हो आप जिधर
  • 24:16 | जाओगे उधर ही पैसा है ऐसा नहीं है पैसा नहीं है पैसा तो हर फील्ड के अंदर है जितना जड़ तक खोदो ग उतना ज्यादा आपको
  • 24:21 | पैसा मिलेगा बट पॉइंट क्या है कि आप सब चीजों में मास्टर नहीं बन सकते हर चीज मैं
  • 24:27 | कर तो सकता पर क्या मुझे हर चीज करनी चाहिए अगर नहीं करनी चाहिए तो जो काम की चीज है अब वही तो कल पिछले पिछले
  • 24:34 | वेबिनार्स
  • 24:41 | कर लिया ना एक बार तो पकड़ के उसमें तीन साल खोद दो फिर देखो रिजल्ट निकलेगा ही निकलेगा अपने आप निकलता है यही है एटली और
  • 24:49 | एक माइंडसेट अपना डेवलप जो है ना वो करना बहुत जरूरी है और ये चीज मैंने खुद भी ये
  • 24:55 | चीजें रिलाइज करी है लोगों के साथ बातचीत करके कि भाई तुम्हें ना एवरेज नहीं बनना और ये चीज मेरे अंदर पहले से ही था
  • 25:01 | स्टार्टिंग से ही था ये चीज कि भाई जो चीज करनी है ना उसमें बेस्ट देना है अपना इधर
  • 25:07 | करहो या करो करो तो ऐसा करो कि नाम जो है वो छा जाए टॉप प जाए टॉप पे जाए और अगर
  • 25:14 | नहीं कर रहे हो तो मत करो बीच में मत रहो क्योंकि बीच वाला इंसान ना इधर का होता है ना उधर का होता फेंस पे बैठे होए तो दर्द
  • 25:19 | तुम्हारे को ही होगा या तो इधर कूद लो या उधर कूद लो और अगर मेहनत कर रहे हो तो इतनी करो कि भाई अपना पूरा टाइम एटलीस्ट
  • 25:25 | उस उस फील्ड के अंदर दो क्योंकि कई लोग क्या होते हैं ना आज स्टार्ट किया रिजल्ट
  • 25:30 | नहीं मिला छोड़ देते हैं वो वाली जो चीज होती है ना वो काम गलत कर देती है क्योंकि रिजल्ट तो एक टाइम तक नहीं ही मिलता है
  • 25:36 | सबको ही नहीं मिलता है अपने हिस्से का स्ट्रगल तो आपको करना ही पड़ेगा मैंने 2017 में काम करना शुरू किया 2020 में
  • 25:44 | जाके थोड़े बहुत पैसे कहीं कहीं से आने शुरू हुए थे और 2020 ही वो जिंदगी थी जब जनवरी में मैं जीरो प हूं और दिसंबर में
  • 25:50 | मैं गेम बदल चुका हूं ठीक है दिसंबर जनवरी 2020 जनवरी आई वाज ब्रोक मुझे नहीं पता
  • 25:57 | मैं क्या कर रहा हूं मैंने पैसे कमाए थे पर वो सारे पैसे उड़ गए थे कहीं ना कहीं ठीक है लॉकडाउन आया था मेरे पास 000 पड़े
  • 26:03 | हुए थे दैट इट और दिसंबर 3 दिसंबर आय डिजिट लच हो चुका था 18 दिसंबर को लॉन्च
  • 26:09 | था ठीक है 12 दिन के अंदर बहुत सारा हम काम कर चुके थे बहुत बड़े लोगों को मतलब बहुत बढ़िया टीम हम ऑलरेडी बिल्ड कर चुके
  • 26:15 | थे और जनवरी तक हम बनाली की पहली ट्रिप भी कर चुके थे तो एक साल गेम बदल सकता है पर
  • 26:20 | वो लगता लोगों को है कि एक साल में रातों रात अभी अभी कुछ कल की बात है कल मंदिर
  • 26:25 | में गए थे हम कल मेरी पूजा थी मेरी पूजा थी तो एक बंदे ने मेरी रील देख ली होगी मंदिर पर मंदिर का ही हेल्पर था उसने रील
  • 26:32 | देख ली होगी बारबार बोले जा रहा आप करोड़पति बन गए आप करोड़ अब उसने कौन सी रील देखी मुझे पता नहीं ठीक है वो मैंने
  • 26:39 | कल ही देखी है कि बिहार का एक लड़का 6000 कमाने वाला लड़का रातो रात बन गया करोड़पति देखिए यहां का लड़का मैं कहा इधर
  • 26:47 | आओ रातो रात क्या होता है भाई रातो रात क्या होता है यार एक साल में भी अगर मैं
  • 26:53 | कह रहा हूं कि मैं एक साल में मैंने गेम बदली तो उस एक साल के पहले कितने साल 2017 18 19 ती साल के धक्के हैं
  • 27:01 | भाई रातो रात तो कुछ नहीं होता मुझे उन एक और चीज याद आई आप जब बता रहे थे कि आपने
  • 27:06 | कितना कुछ मतलब आपके अंदर क्या लेवल का कन्वे है वहीं से याद आई कि बहुत लोगों ने मेरे को बहुत बार बोला है कि सर आप देखना
  • 27:13 | अगले तीन महीने में मैं क्या करूंगा आप देखना सर अगले साल मैं क्या करूंगा 2020 के कॉन्क्लेव में ओश आई थी 21
  • 27:21 | के कॉन्क्लेव में इफ आई एम नॉट रंग आपने मुझे बोला था स्टेज के ऊपर कुछ वादा किया था
  • 27:26 | 2022 2022 के कॉन्क्लेव में आई थी मैं अच्छा 2020 में तो कॉन्क्लेव ही नहीं था 2020
  • 27:32 | में तो लंचिंग थी 2022 हां 2022 के कॉन्क्लेव में आपने बोला स्टेज के ऊपर कि
  • 27:37 | सर अगले एक साल के अंदर आप देखना 10 लाख का वादा किया था इफ आई एम नॉट रंग राइट
  • 27:43 | मैंने ये चीज आपको बोली थी ट्रिप के ऊपर मार्च 2022 था जहां पर हमारा मनाली का
  • 27:49 | ट्रिप गया था हां फर्स्ट ट्रिप हां मनाली का ट्रिप गया था वहां पर ये चीज बो बोली थी कि अगले साल सितंबर 2023 तक मैं 10 लाख
  • 27:57 | जो है वो ऑन कर लूंगी सितंबर 2023 अभी चल रहा है भाई ट्स ऑफ यार ओशन जबरदस्त व्हाट
  • 28:05 | केप्ट यू गोइंग मतलब क्या ऐसा कंविद से आपके अंदर या इस रास्ते में बड़े चैलेंज
  • 28:13 | आए होंगे क्योंकि वाद तो बहुत लोगों ने किया ना हर इंसान जो हमसे बात करता है वो किसी ना किसी वे में सर इस टाइम पे ये मैं
  • 28:19 | करके दिखा दूंगा पर हर इंसान टिक नहीं पाता है मैं वो ये नहीं कह रहा कि वो गलत है बिल्कुल करना चाहिए अपने ऊपर
  • 28:24 | कॉन्फिडेंस रखना चाहिए इंसान को बट आपको जो दिक्कतें आई होंगी स्टिल आपने 10 लाख रप नहीं आपने एक करोड़ रुप से ऊपर का एंड
  • 28:31 | यू आर द टॉप र्नर तो व्हाट केप्ट यू गोइंग मुश्किलों से कैसे लड़ते चले गए क्या
  • 28:37 | माइंडसेट है भाई जिस माइंडसेट की आप बात कर रहे हो वो माइंडसेट क्या है ट्रेनिंग में रहना पड़ेगा लोगों को ऑब्जर्व करना
  • 28:42 | पड़ेगा लोगों की बातें सुननी पड़ेगी कि जो चीजें उसको काम करी है ओबवियस सी बात है कुछ डिफरेंट तो है नहीं है जो चीजें उसको
  • 28:49 | काम करी है वो चीजें आपके लिए भी काम करेंगी ठीक है सबसे पहली बात तो यहां पर ये है कि ज वही चीज वाली बात है लोग बोलते
  • 28:55 | बहुत है बड़ी-बड़ी बातें हर कोई करता है कि और वो करनी भी चाहिए वादे हर किसी को करने चाहिए पर वो जो चीज होती है काम करने
  • 29:03 | वाला जो एटीट्यूड होता है ना वो भी रखो ये नहीं है कि भाई बड़ी-बड़ी बातें कर ली और काम किया नहीं व्हाट इज आई डिजिटल प्रनर
  • 29:10 | फॉर यू आई डिजिटल प्रनर एज अ कंपनी आपके लिए क्या है आपके पर्सनल गोल्स प्रोफेशनल
  • 29:15 | गोल्स करियर गोल्स या फिर आगे एस्पिरेशनल लाइफ क्या होने वाली है क्या-क्या करना चाहते हो कहां-कहां इन्वेस्टमेंट्स इफ यू
  • 29:21 | आर ओके विद दैट तो मतलब इफ यू आर मेकिंग मनी सो यू मस्ट बी इन्वेस्टिंग क्योंकि आप हमारे साथ हो तो इतना तो करना ही चाहिए
  • 29:28 | राइट तो क्या कर रहे हो अभी लाइफ में फर्स्ट स्टेप बाय स्टेप चलते हैं आनर आपके लिए क्या है फिर आपके एस्पिरेशंस आपके
  • 29:36 | गोल्स आपका पर्पस ऑफ लाइफ क्या है आगे क्या फ्यूचर गोल्स है आपके पर्सनल लेवल पे भी और करियर वाइज भी क्याक करने वाले आय
  • 29:44 | डिसनर इज अ इमोशन फॉर मी ओबवियसली क्योंकि मैंने यहां पर अपनी शुरुआत जो है उस टाइम पर करी थी जब मैं अपनी लाइफ में बहुत
  • 29:50 | स्ट्रगल कर रही थी तो यहां से मेरी जो लाइफ चेंज हुई है एक तरीके से देखो बात यहां पर यह है कि लोगों को लगता है कि
  • 29:56 | अफिट मार्केटिंग के इंडस्ट्री के हिसाब से अगर देखा जाए तो मैंने बहुत सारी चीजें शायद अचीव करी होंगी पर अगर मैं अपने
  • 30:02 | पर्सनल लेवल पर उतर के देखूं तो मुझे ऐसा लगता है कि अभी भी बहुत सारी चीजें हैं जो कि मैं क्रिएट कर सकती हूं अभी ये मेरा 1
  • 30:07 | पर भी नहीं है मुझे पर्सनली ऐसा लगता है क्योंकि बहुत सारे क्योंकि पैसा कमाने की कोई एज नहीं होती है सीधी सी बात है मेरे
  • 30:13 | से भी बहुत कम कम एज वाले लोग है जो कि बहुत अच्छा कर रहे हैं अपने फील्ड के अंदर दि ठीक है तो बात यहां पर ये है कि जब
  • 30:21 | शुरुआत करी थी तो यही चीज मेरे मन के अंदर आ रहा था कि कुछ डिफरेंट तो करना है और एक
  • 30:27 | माइंडसेट जो है वो डेवलप करना है अपने विजंस को जो है ना वो इस हिसाब से इंक्लाइंड करना है क्योंकि मेरे विजनस जो
  • 30:33 | थे वो मुझे जो है एक आपने एक पिछला सवाल पूछा था ना कि व्हाट केप्ट यू गोइंग क्योंकि एक जब गोल नहीं होता ना एक बंदे
  • 30:40 | के पास उसको पता ही नहीं है कि उसको जिंदगी के अंदर करना क्या है वो एकदम जो है ना ऐसा इंसान है जो कि एक बस के अंदर
  • 30:47 | चढ़ गया और उसको पता ही नहीं है वो बस जा कहां रही है बस वो उसी के साथ चल जा रहा है चली जा रहा है जब तक आपके पास गोल नहीं
  • 30:53 | है आपकी जिंदगी भी ऐसी है कि आपको पता ही नहीं है कि आपको जिंदगी में करना क्या है गोलगोल घूमते रहोगे गोल गोल घूमते रहोगे
  • 30:59 | बस ये चीज है कि मैंने स्टार्टिंग में ये चीज था कि अपनी ना चीजों को लेकर के इतनी
  • 31:05 | सीरियस नहीं थी ठीक है पता था भाई लाइफ के अंदर कुछ करना है पर गोल्स ना डिफाइंड नहीं थे लॉ ऑफ अट्रैक्शन ने बहुत ज्यादा
  • 31:11 | मेरे लाइफ के अंदर जो है काम किया है चीजों को पहले मैं जट डाउन नहीं करती थी मैं लिखती नहीं थी मुझे अपनी लाइफ से
  • 31:17 | चाहिए क्या है एक्चुअल में हमें पता ही नहीं होता है और जब तक हम यूनिवर्स को ये बताएंगे नहीं कि हमें चाहिए क्या तो भगवान
  • 31:24 | भी हमें कैसे हेल्प करेगा ओबवियस सी बात है जब अगर हमें लेट्स सपोज ये सोफा है ठीक है अगर हमें ये कमरे में चाहिए तभी है ना
  • 31:30 | अगर हमें ये चाहिए नहीं होता तो ये होता भी नहीं यहां पर सही बात सिंपल तो वही चीज है अगर हमें अपनी लाइफ में यह चीज चाहिए
  • 31:37 | अब मुझे था कि स्टार्टिंग में कि भाई यह चीज मुझे अगले साल तक हिट करनी है और यह मुझे चाहिए चाहिए इसलिए क्योंकि पेरेंट्स
  • 31:44 | जो है वो फाइनेंशली स्ट्रगल कर रहे हैं घर के ऊपर जो है वो लोन चल रहा है अब देखो मेरे पेरेंट्स ने मुझे बोला नहीं है कि
  • 31:50 | तुम ओशीन ये कर दो लोन चुका दो पर ओबवियस सी बात है अगर मैं अपने पेरेंट्स का अंश
  • 31:57 | हूं और मेरे पेरेंट्स मेरी लाइफ के अंदर इतना कंट्रीब्यूट कर रहे हैं मैं देख रही हूं भाई वो कैसे स्ट्रगल कर रहे हैं पैसों
  • 32:03 | को लेकर के वो लोगों की बातों को सुन रहे हैं राइट क्यों क्योंकि मुझे वो सही एजुकेशन देना चाहते हैं और एजुकेशन के लिए
  • 32:09 | वो मेरा खर्चा उठा रहे हैं सारी चीजों को के लिए वो मेरी लाइफ में कंट्रीब्यूट कर रहे हैं तो मेरी भी कोई रिस्पांसिबिलिटी बनती है यस और नो हर एक बच्चा यही चीज
  • 32:16 | सोचता है कि भाई वो खुद अपने पेरेंट्स की लाइफ में थोड़ा सा कंट्रीब्यूट कर दे क्योंकि पेरेंट्स के एहसानों को तो कोई भी
  • 32:22 | नहीं चुका सकता कोई भी नहीं चुका सकता बस बात इतनी सी है कि अगर हम थोड़ा सा भी उन
  • 32:27 | के लिए कुछ कर देते हैं ना तो खुद सेल्फ सेटिस्फेक्शन हो जाती है कि भाई कुछ किया है चलो हमने उनके लिए बस मुझे उनके लिए
  • 32:34 | कुछ करना था कुछ करना था उसका ही जज्बा था और वही चीज जो थी वो मैंने जट डाउन करी थी
  • 32:40 | मुझे चाहिए क्या जिंदगी से वो मैंने लिखा था पहले मैं नहीं लिखती होती थी पहले मुझे नहीं पता था भाई मुझे ये चाहिए तो मुझे
  • 32:45 | क्यों चाहिए मेरा वाई ही नहीं क्लियर होता था अब लिखती हूं चीजों को जट डाउन करती
  • 32:51 | हूं पता है क्यों चाहिए क्या करना है अब मेरे आगे के भी प्लांस एकदम क्लियर है आपने एक चीज पूछी थी कि आप आपके पर्सनल आप
  • 32:58 | जो भी काम कर रहे हो आगे आप क्या फ्यूचर देखते हो ओबवियस सी बात है आय डिस्ट्रीब्यूशन से मेरी काफी सारी चीजें
  • 33:04 | जो है वो हेल्प हुई है एंड द मेन रीजन व्हाई आई स्टार्टेड इज यू द थिंग इज दिस
  • 33:10 | और मैनेजमेंट टीम की कि इतना ज्यादा सपोर्ट यहां पर मिलता है और ओबवियस सी बात है अगर मैं पिछले साल से लेकर के मैंने भी
  • 33:17 | ग्रो किया कंपनी ने भी ग्रो किया दोनों ने साइमल नियस ग्रो किया ओबवियस सी बात है अगर एक साल के अंदर कंपनी के साथ रह कर के
  • 33:23 | मेरी इतनी ग्रोथ हुई है तो ओबवियस सी बात है आने वाले पाच 10 साल आराम से मैं इस कंपनी के साथ अपना फ्यूचर देखती हूं
  • 33:30 | जबरदस्त जबरदस्त मैं एक चीज यहां प लेकिन बोलना चाहूंगा मेरे को फील हो रहा है कि अंकल आंटी अगर आप इस पॉडकास्ट को देख रहे
  • 33:36 | हैं मैं आपसे कभी मिला नहीं बट आई जननली वांट टू से कि आप कांग्रेचुलेशन आपको बहुत
  • 33:42 | अच्छा चाइल्ड मिला है बहुत इंस्पिरेशनल एंड ऐसे लोग कम होते हैं जो कि अपने मां-बाप के बारे में सोचे हुए वाकई बात है
  • 33:49 | कि कोई अपने मां-बाप का एहसान नहीं चुका सकता कुछ भी कर ले पूरी जिंदगी में बट सोच ले ऐसे बच्चे भी बहुत कम लोगों को मिलता
  • 33:55 | है सोच भी ले कि थोड़ा हम अपने मां-बाप के लिए कुछ करें तो मेनी मेनी कांग्रेचुलेशन
  • 34:01 | हम पूरे भारत में और हम पूरे इंटरनेशनल है अभी एक्चुअली देखा जाए तो हम इंटरनेशनल है सो मेनी यंगस्टर्स आर कनेक्टेड विद अस
  • 34:08 | हजारों लाखों बच्चे ऐसे हैं जो स्किल्स भी सीख रहे हैं जो पैसा कमाने की चाहत रखते हैं कुछ लोग फ्रीलांसिंग कर रहे हैं
  • 34:14 | स्किल्स को सीखने के बाद आप इतनी सारी चीजें कर चुके हो तो उनके लिए आपका क्या मैसेज है कि मतलब एक होता है ना एक यू हैव
  • 34:21 | एक्सपीरियंस अ लॉट सो आप कुछ लोग पूछते हैं ना टिप्स दे दो मैम तो कुछ टिप्स के
  • 34:27 | तौर पे कुछ बताना चाहोगे उन्हे सो दैट द लाइंस दैट यू से मे इंस्पायर देम हम कि
  • 34:33 | भाई ये करो और ये मत करो सजेशंस सबसे पहली चीज तो यहां पर ये है कि लोग ना चाहता तो
  • 34:39 | देखो हर एक इंसान है ठीक है पर चाहने से कुछ नहीं होता ना चाहने से दुनिया नहीं चलती है आपको जो है वो अपनी चीजों के लिए
  • 34:47 | सीरियस होना पड़ेगा और चीजों को लिखना पड़ेगा चीजें लिखना सीरियसली मैं बोल रही हूं अब मेरी लाइफ के अंदर तो पर्सनली बहुत
  • 34:53 | ज्यादा मैंने ट्रांसफॉर्मेशन जो है वो खुद फील किया है कि पहले मैं चीजें नहीं लिखती थी मुझे पता ही नहीं होता था मुझे चीजें
  • 34:59 | चाहिए क्या है और अगर मैं लिखूंगी नहीं मैं यूनिवर्स को वो सिग्नल ही नहीं दूंगी कि मुझे चाहिए क्या है तो वो मुझे मिलेगा
  • 35:05 | भी नहीं तो एक चीज जो है वो अपने गोल्स को डिफाइन करो लिखो और लिखने से काफी सारी
  • 35:10 | चीजें आपकी चेंज होंगी कंसिस्टेंट रहो सबसे बड़ी बात तो ये है क्योंकि अगर आपने
  • 35:15 | मेरी चीजें अगर पीछे सुनी होंगी ध्यान से तो वहां पर भी मैंने ये चीज बोली थी कि
  • 35:21 | मैं फ्रीलांसिंग भी कर रही हूं मैं साइड बाय साइड ब्लॉगिंग भी कर रही थी वहां पे भी सारी चीजें नहीं हो रही थी पर ऐसा नहीं
  • 35:27 | कि मैंने गिव अप मार दिया ऐसा नहीं कि भाई अगर उधर नहीं हो रहा तो मैंने नेक्स्ट चीज नहीं ट्राई करी आपको नेक्स्ट नेक्स्ट चीज
  • 35:33 | ट्राई करना पड़ेगा क्योंकि सक्सेस तो देखो डेफिनेट है हर एक इंसान को एक पॉइंट ऑफ टाइम पे जाकर मिलती है अब हर एक इंसान के
  • 35:39 | लिए सक्सेस का मीनिंग डिफरेंट है मेरे लिए डिफरेंट है आपके लिए शायद कुछ और होगा आपके लिए कुछ और होगा डिफरेंट होता है बट
  • 35:46 | वो चीज जो है आपको डिफाइन करनी पड़ेगी ना कि इस चीज को लेकर के मुझे इस टाइम तक वो चीज चाहिए ही चाहिए एक डेडलाइन दो जैसे
  • 35:53 | मैंने अपने आपको एक डेडलाइन दी थी कि भाई इस साल तक इतना इतना कर इतना तो करना ही
  • 35:58 | करना है इससे ज्यादा करूं बढ़िया है पर इससे कम नहीं होना चाहिए इतना तो मिनिमम होना ही चाहिए वो डेडलाइन दो गोल्स को
  • 36:06 | लिखो कंसिस्टेंट रहो और डेडलाइन भी एक चीज अब समझ में आती है कि डेडलाइन भी इनका काफी रियलिस्टिक था यूं नहीं कि सर अगले
  • 36:13 | दो महीने के अंदर मैं आपको दिखाती हूं मैं आप ₹ लाख करके दूंगी शी टूक टाइम शी न्यू व्हाट शी इज सेइंग किसको कह रही है हो
  • 36:21 | सकता है वो इंसान कल की डेट में जज भी करेगा यह बहुत समझदारी दिखाई इन्होंने पर्सनल लेवल पे कि अगर देखो अगर इसने ₹
  • 36:27 | लाख नहीं करे होते तो ओबवियस सी बात है अगर मेरे दिमाग में वो चीज रह जाती सितंबर में मैं कहीं ना कहीं ये चीज तो सोचता ही
  • 36:32 | ना कि बोला तो था किया नहीं हम ठीक है तो बहुत रियलिस्टिक एक डेढ़ साल का टाइम लेके एंड वो इतना
  • 36:54 | एंपलॉयर सी बात है अगर आप खुद अच्छे नहीं दिख रहे हो या आपकी नॉलेज जो है आपको है
  • 36:59 | ही नहीं आपको पता ही नहीं है किस इंसान के साथ किस हिसाब से बात करनी है किस हिसाब से कम्युनिकेट करना है आप कहां पर ग्रो कर
  • 37:05 | पाओगे ओबवियस सी बात है आप अपने ऊपर जितना हो सके इन्वेस्ट करो क्योंकि शुरुआती टाइम के अंदर मैंने भी ऐसा नहीं था कि भाई आया
  • 37:12 | और घर वालों को दे दिया सारा का सारा पैसा अपने ऊपर लगाया क्योंकि मुझे पता है जब मेरी नीव स्ट्रंग होगी तो ओबवियसली मैं
  • 37:18 | उनकी लाइफ में तो कंट्रीब्यूट करूंगी ही करूंगी पर पहले ये चीज है ना कि मैं खुद को तो इतना कैपेबल बना लू य ट्रैवल्ड राइट
  • 37:24 | आपने पेमेंट दे शायद आप ट्रेवलिंग प मनाली में जब पहली बार गए थे आप तो व आप अलग से गए थे या आपने कुछ क्वालीफाई किया
  • 37:31 | था नहीं नहीं वो मेरा जो था एक तरीके से कह लो किस्मत ही थी जो कि काम कर गई थी
  • 37:36 | वहां पर क्योंकि अगर ना भी होता तो ट्रेवल करके भी मैं आती मैं अपने एक्सपेंस पे भी आती क्योंकि ओबवियस सी बात है एक अलग से
  • 37:41 | नेटवर्क जो है वो मिलता है बट उस टाइम पर जो था ना वो मेरा एक लकी ड्रॉ आ गया था वो चिट में मेरा नाम आ गया था एक कुछ ऐसी चीज
  • 37:48 | हुई थी जहां पर लाइक कंपनी के मैनेजमेंट टीम ने बोला था कि इन तीन से चार लोगों को
  • 37:54 | लाइक एक चिट निकलेगी इनम से तीन तीन से चार लोग जो है वो हमारे एक्सपेंस लकी ड्र
  • 38:00 | हां उसमें मेरा नाम आ गया था ठीक है और अगर ना भी आता ओबवियसली मैं जाती क्योंकि उस टाइम तक मैं कर चुकी थी इतना कि हां
  • 38:06 | मैं एक्सपेंस जो है वो अपने कंपनी के ट्रिप्स ने भी किस लेवल प हेल्प करी है सीखने में समझने में या फिर नेटवर्किंग जो
  • 38:12 | होती है नेटवर्किंग में मुझे सच में बहुत ज्यादा हेल्प हुई है मैं लोगों को क्योंकि क्या होता है ना जो इंट्रोवर्ट होते हैं
  • 38:17 | ना वो लोगों को ऑब्जर्व बहुत अच्छे तरीके से करते हैं और मेरा ऑब्जर्वेशन पावर मुझे ऐसा लगता है कि स्ट्रांग है क्योंकि मैं
  • 38:23 | अगर जिन लोगों के साथ उठती बैठती हूं और ओबवियस सी बात है यू आर द यू नो एवरेज ऑफ फाइव पीपल यू आर सराउंडिंग
  • 38:29 | योर मोस्ट टाइम विल राइट जितना आप टाइम उन लोगों के बीच में रहोगे आपका माइंडसेट भी इवेंचर नहीं भी है ना आपका बन जाएगा बन
  • 38:36 | जाता है अपने आप आप आपको कुछ नहीं पता आपको कैसे करना है पर अगर आपको पता है कि
  • 38:42 | हां करना है तो आप कर जाओगे चाहे वो कैसे भी हो जाएगा ठीक है क्योंकि आपको पता है ना कि आपको करना है और आप उन लोगों के साथ
  • 38:48 | उठ रहे हो बैठ रहे हो उनकी कन्वर्सेशन सुन रहे हो उनको ऑब्जर्व कर रहे हो उनका क्या माइंडसेट है जिंदगी को देखने का उनका क्या
  • 38:54 | तौर तरीका है नजरिया है हिसाब से कितनी मेहनत करते हैं क्योंकि देखो उड़ान हर एक
  • 38:59 | इंसान देखता है दूसरे की पर पैरों के छाले नहीं देखता मेरी उड़ान तो सबने देखी पर
  • 39:05 | पैरों के छाले किसी ने नहीं देखे बहुत सार लाइक इट्स अ फेमस यू नो शायरी तो वही वाली
  • 39:10 | चीज वाली बात है लोगों को ऑब्जर्व मैं बहुत अच्छे तरीके से करती हूं और ऑब्जर्वेशन पावर जितनी हो सके ना स्ट्रांग
  • 39:16 | कर लो सो दैट की वो आपको भी हेल्प करे करेक्ट है जब आपने कंपनी में काम करना शुरू किया था आपके भी सपने होंगे उन सपनों
  • 39:24 | के कितने करीब हो कितने सपनों को पूरा कर चुके हो क्या-क्या अचीवमेंट्स रही है वो थोड़ा सा अच्छे से बताइए अच्छे से बताइए
  • 39:31 | कि कहां-कहां गए क्या-क्या किया या फिर अस्तित्व की बात आप कर सकते हो या फिर आपने एक टॉय लिया है उसकी बात आप कर सकते
  • 39:39 | हो कि मतलब जो भी सपने थे तो उनके कितने करीब पहुंच चुके हो आप और क्या-क्या आपने अचीव किया अभी तक जब मैंने शुरुआत करी थी
  • 39:45 | ओबवियस सी बात है सोचा तो बहुत सारी चीजें थी पर अभी उसका मैंने कहा था ना कि अगर
  • 39:51 | एफिलिएट मार्केटिंग इंडस्ट्री से देखा जाए तो मैंने बहुत सारी चीजें की है पर पर्सनल लेवल प अभी सेटिस्फाइड जो है वो मैं नहीं
  • 39:57 | हूं और वो होना भी नहीं चाहिए आ एम ग्रेटफुल इंसान को मैं ये नहीं हूं कि भाई ग्रेटफुल नहीं हूं आई एम सो मच ग्रेटफुल
  • 40:03 | कि भगवान ने जो है इतना कैपेबल जो है वो किया बट हां भूख हमेशा होनी चाहिए अगर वो
  • 40:08 | आप सेटिस्फाइड हो कर के बैठ जाओगे ना अपनी जिंदगी के अंदर तो फिर आप उस लेवल पे वो उस ऊंचाई को नहीं पार कर पाओगे क्योंकि आप
  • 40:15 | उसी एरिया के कंफर्ट जोन में आ गए ना अब बात कर ली जाए कि मैंने क्या-क्या चीजें
  • 40:20 | जो सबसे बड़ी जो मेरी मेन चीज थी वो ये थी कि जब मैंने शुरुआत करी थी मेरे घर पे जो था वो 12 लाख का कर्जा था जो कि मुझे जो
  • 40:27 | था यू नो अपने फैमिली ने जो मेरे लिया था वो मुझे ऐसा था कि मुझे कंट्रीब्यूट करना
  • 40:33 | है नहीं सोचा था कि भाई शायद मैं सारा ही चुका दूंगी बट हां एक थी कोशिश थी कि वो
  • 40:38 | चीज पूरी करनी है और यहां पर इस प्लेटफार्म ने काफी ज्यादा यू नो मुझे हेल्प करा उस चीज को एस्टेब्लिश करने के
  • 40:45 | अंदर दूसरी जो चीज थी वो यह था कि कार ली थी मैंने ठीक है एक टाइम पर एक
  • 40:52 | सपना था क्योंकि मैं दूसरे लोगों की कार देखती थी मुझे ऐसा अभी भी वो चीजें याद है कि भाई हम कहीं प भी जाते थे ठीक है और
  • 40:59 | ट्रेवल करते थे तो हर एक इंसान जो है मेरा जो दोस्त था जो मेरे फैमिली में थे ठीक है वो कार से इधर से उधर जा रहे हैं ठीक है
  • 41:06 | एक शहर से दूसरे शहर जा रहे हैं फंक्शंस में जा रहे हैं और हम जो है वो बसेस में ट्रेवल कर रहे हैं हम यू नो ट्रेंस में
  • 41:12 | ट्रेवल कर रहे हैं वो चीज मुझे बहुत ज्यादा किक होती थी कि भाई मेरी फैमिली जो है यू नो सभी के पास ये है पर मेरे पास वो
  • 41:18 | नहीं चीज है ओबवियसली बात है वो चीज नहीं होनी चाहिए ग्रेटफुल तो होना ही चाहिए कि भाई जो भी चीजें हैं हमारे पास बढ़िया बट
  • 41:24 | वो अंदर से ना वो चीजें हमेशा किक करती थी भाई अगर ये इन लोगों के पास है तो मेरे
  • 41:30 | पास भी होनी चाहिए वो चीज राइट तो वो चीज ने मुझे यू नो बहुत ज्यादा पुश किया और यहां से मैंने कार को जो है वो निकाला एक
  • 41:36 | भी पैसा मैंने अपने घर वालों से नहीं दिया बल्कि ये कार मैंने उनको ही गिफ्ट करी है मेरी फैमिली की फर्स्ट कार थी और जो उनके
  • 41:43 | चेहरे पे खुशी थी ना जब जिस दिन हम शोरूम में गए और हमने गाड़ी परचेस करी वो मैं वर्ड्स में तो डिस्क्राइब ही नहीं कर सकती
  • 41:50 | मैं लिटरली डिस्क्राइब नहीं कर सकती और जब गाड़ी लेकर के हम आ रहे थे ना मुझे आज अभी
  • 41:56 | भी वो चीज याद है मेरे मम्मा ने कहा था कि ओशीन जो तूने कर दिया ना मैं लिटरली मैंने
  • 42:01 | कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं ये सारी चीजें जो है वो एंजॉय भी कर पाऊंगी मुझे तो लग रहा था कि हम शायद ये क्योंकि
  • 42:08 | मेरे मम्मा पापा की अभी एज हो गई है वो 50 प्लस है और उनको ऐसा लगा था कि भाई अब 50 साल की जिंदगी तो निकल गई और पता नहीं अब
  • 42:15 | कितनी अभी भी गाड़ी नहीं आई है अब पता नहीं गाड़ी में बैठना नसीब भी होगा कि नहीं पर तूने वो चीज हमें नसीब करवा दी तो
  • 42:21 | वो चीज मेरे लिए बहुत ज्यादा एक कह लो ना प्राउड मूमेंट था कि भाई अपने पेरेंट के
  • 42:26 | लिए मैंने कुछ कर दिया कुछ कर दिया कि सो दैट की उनको भी वो चीज जो है वो मैं यू नो
  • 42:32 | फील करवा पाई कि हां आपकी बेटी ने आपके लिए कुछ कर दिया क्योंकि मैं सिंगल गर्ल चाइल्ड हूं यस सी बात है क्योंकि कहते हैं
  • 42:39 | फैमिली में भी मेरे भी घर में ऐसा था कि भाई लड़के ही यू नो चीजों को चेंज करते
  • 42:44 | हैं पर मैं ये चीज दिखाना चाहती थी कि लड़के नहीं लड़किया भी बहुत सारी चीज कर सकती है सब कुछ कर स सब कुछ कर सकती
  • 42:51 | है नाउ आई आस्क सो मेनी क्वेश्च आई हैव सो मेनी क्वेश्च बट द पॉइंट इज कि हमें थोड़ा
  • 42:57 | सा पॉडकास्ट के टेनर को टाइम ड्यूरेशन को भी रिस्पेक्ट करना है तो अगली बार हम फिर पॉडकास्ट करेंगे आपके भी बहुत सारे सवाल
  • 43:04 | हो सकते हैं लेकिन उससे आपके जो भी सवाल है आप कमेंट सेक्शन के अंदर पक्का पूछो अगली बार फिर एक माइलस्टोन के साथ ओशन
  • 43:11 | जरूर आएगी और आपके सवालों के भी जवाब देगी सो जो लोग हमारे साथ इस पॉडकास्ट के अंदर है और बिहाइंड द कैमरा है तो उनमें भी
  • 43:17 | बहुत लोगों के सवाल होते हैं ओबवियस सी बात है हर इंसान आपसे इंस्पायर्ड है अभी तो हम उनके भी सवाल लेंगे और आप बताओगे
  • 43:23 | ठीक है जैसे मार्केट में कोई भी ब्रांड ले लो फॉर एग्जांपल य वह कोई भी अपना एक न्यू
  • 43:29 | वेंचर स्टार्ट करता है जैसे रिटेल में हो गया कपड़े में हो गया कुछ भी तोब
  • 43:56 | हम देखते हैं कि सर खुद के
  • 44:01 | youtube2 के लिए भी वेबीनार कर रहे हैं जिससे अपने वो जो नॉलेज है वो शेयर कर रहे हैं अब इतनी सारी चीजें कर रहे हैं अब ये
  • 44:08 | चीज लोगों को भी दिखती है अब ये चीजें है ना एज एन एफिलिएट जो आईडीजे पन के जो लोग
  • 44:15 | हैं उन्हें किस तरीके से फायदा पहुंचा रही है क्योंकि एंड ऑफ द डे हम मैनेजमेंट का
  • 44:21 | पार्ट है हमें पता है कि सर ये चीज किस लिए कर रहे हैं तो हम जानना चाहते हैं कि
  • 44:27 | किस तरीके से किस कितने लेवल तक यह चीजें आपको एंड आप जैसे बहुत सारे एफिलिएट्स को
  • 44:32 | ये चीज बेनिफिट दे रही है ओके
  • 44:41 | दैट्ची जन भी यही था कि बाकी सारी कंपनीज भी है पर आई डिस्टन क्यों यहां पर डिफरेंट
  • 44:46 | है द थिंग इज दिस कि मैनेजमेंट टीम बहुत सारी मैंने डिफरेंट डिफरेंट कंपनीज भी देखी है वो क्या करते हैं अपने एफिलिएट्स
  • 44:52 | को ना बहुत सारी अलग-अलग रूल्स रेगुलेशंस में बांध के रख देते हैं ठीक है बहुत सारी
  • 44:57 | लाइक कहते हैं इंटरफेरेंस करते हैं ठीक है पर यहां पर क्या है वो इंडिपेंडेंट नहीं फील कर पाता है फ ठीक है पर यहां पर क्या
  • 45:04 | है वो मैनेजमेंट टीम जो है वो उतनी ही सपोर्टिव है इंटरफेरेंस जो है ना वो हर एक पर्सन की लाइफ में एफिलिएट की वो नहीं
  • 45:10 | करता उसको रूल्स रेगुलेशंस वहां पर भी थे पर वहां पर बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट थे जिसकी वजह से जो है वो इंसान जो है वो
  • 45:17 | एफिलिएट जो है वो इंडिपेंडेंट नहीं फील कर पाता यहां पर क्या है रूल रेगुलेशंस है पर वो तरीके के हैं ठीक है और वो होने भी
  • 45:24 | चाहिए अब दूस दूसरी बात ये है कि यहां पर जो पर्सन डिफरेंट डिफरेंट डिफरेंट डिफरेंट
  • 45:29 | चीजें कर रहे हैं आप अलग-अलग आप इन्वेस्टिंग भी कर रहे हैं राइट दूसरे दूसरों के गाने भी करर हूं मैं
  • 45:35 | बहुत कुछ कर रहा हूं मैं खुद परेशान हो जाता हूं मैं इतना कुछ कर रहा हूं सोंग्स भी कर रहे हैं राइट और लोगों के भी
  • 45:42 | बिजनेसेस में इन्वेस्ट कर रहे हो आप राइट और सबसे बड़ी चीज अस्तित्व मार्केट के अंदर किसी के अंदर भी इतनी हिम्मत नहीं थी
  • 45:49 | कि वो भाई 18000 का ऑडियंस बेस जो है बिना किसी कनेक्शंस के क्योंकि हमें भी पीछे से
  • 45:55 | स्टोरी पता थी कि सभी ने हाथ खींच लिया था खुद के दम प वो सारी चीजें करना बहुत बड़ा
  • 46:01 | टास्क होता है और बहुत हिम्मत चाहिए उस चीज के लिए राइट तो ये चीज जो है वो फायदे
  • 46:06 | में हमारे लिए यह है कि भाई जो इंसान खुद इतनी मेहनत कर रहा है और अगर हम पर्सनली उनके साथ कनेक्टेड है तो ये चीज तो हमें
  • 46:13 | रिलाइज हो जानी चाहिए कि जिंदगी में कर करने से सब कुछ मिल जाता है सफलता मिल जाती है अनटिल एंड अनलेस यू डोंट क्विट
  • 46:21 | आपको आज नहीं आपको कल मिल जाएगी पर आपको क्विट नहीं करना ठीक है दूसरी बात यह है कि कनेक्शन यहां पर जो सर अपने एस्टेब्लिश
  • 46:28 | कर रहे हैं ठीक है उसको हम बाद में खुद के लिए भी अच्छे से यूटिलाइज कर सकते हैं राइट कि बहुत सारे लोगों को ये मानना है
  • 46:34 | ना कि भाई कंपनी फेक है ठीक है ये स्कैम है वो स्कैम है राइट तो आप उनको दिखा सकते
  • 46:40 | हो ना हमारे पास ये चीज के लिए लाइक प्रॉपर प्रूफ है कि भाई इतने बड़े-बड़े लोग जो कोलबो हो रहे हैं इतने एक जगह नहीं
  • 46:47 | दो जगह नहीं तीन जगह नहीं इतने सारे लोगों के साथ जब उठना बैठना और इतने लाइक यू नो जो अपनी फील्ड के अंदर मास्टर है दिग्गज
  • 46:54 | है तो भाई वो किसी भी एरी गरी कंपनी के साथ थोड़ी यार वो काम या बातचीत करेंगे सबसे बड़ा सबूत तो यही है हमारे लिए राइट
  • 47:01 | और दूसरी सबसे बेसिक चीज वाली बात यह है कि उनके साथ जो है ना हमारे कनेक्शंस भी जब जब सर के उनके साथ कनेक्शंस बन रहे हैं
  • 47:08 | राइट और सर उनकी लर्निंग्स को ले रहे हैं तो अपने भी वो ट्रेनिंग के अंदर वो वाली लर्निंग्स जो वो सीख रहे हैं उन लोगों के
  • 47:15 | साथ उन यू नो उस नेटवर्क के अंदर वो अपनी लर्निंग्स को हमारे साथ शेयर करते हैं क्योंकि ऐसे तो कोई भी अपनी लर्निंग शेयर
  • 47:21 | नहीं करता ओबवियस सी बात है अपने कोई भी की सीक्रेट्स जो है या लाइफ को देखने का जो नजरिया है ठीक है वो हमें ऐसे तो पता
  • 47:28 | नहीं लगने वाला ना उस इंसान का मैंने काफी लोगों को देखा है कि मंथली 5 हज कमाता है लाख रुप कमाते हैं दो लाख कमाते हैं एंड
  • 47:34 | वहीं पर मैं आपको देखूं कभी 10 लाख कभी 20 लाख 25 26 लाख तक भी मंथली आप गए हो इंसान
  • 47:40 | जब पैसे कमाता है तो एक महीने 2 लाख कमा लिए वो इंसान एक एक होता है कि आलस आ जाता
  • 47:46 | है कि भाई 2 लाख कमा लिए हैं अगर लाख रुपए भी मैं महीने का खर्च करूं या फिर करूं
  • 47:53 | मैं तो कम से कम 25 महीने के लिए तो मैं फ्री हूं अब 25 महीने के लिए फ्री हूं तो
  • 47:58 | मैं कम से कम पाच महीने तो आराम करूं आलस आता है आलस आता है बेसिकली तो 25 लाख
  • 48:05 | महीने कमाने के बाद क्या वो मोटिवेशन है कि आप अगले महीने के एक तारीख को फिर आप
  • 48:11 | बैठ गए काम करने के लिए एंड फिर आप सेम अमाउंट कमा रहे हो वो चीज तो मैं भी मानती
  • 48:16 | हूं कि जब एक इंसान उतनी चीज कर लेता है जितना उसने सोचा होता है राइट उसको बाद उसको आलस आता ही है वो
  • 48:24 | लेजनेवा आती है क्योंकि उसके गोल्स उसका विजन जो है वो डिफाइन नहीं है उसको जिंदगी
  • 48:30 | से चाहिए क्या उसको पता ही नहीं है इसीलिए जितना उसके पास आया उसको पता ही नहीं है
  • 48:35 | कि अब इसको करना क्या है कहां यूटिलाइज करना है उसके लाइफ के गोल्स क्या है उसको फ्यूचर में क्या करना है क्या इतना पैसा
  • 48:41 | उसके लिए सफिशिएंट है क्या उसको जो चीजें चाहिए क्या वो इतने पैसे में हो सकती है अगर वो चीजों के बारे में उसको नॉलेज ही
  • 48:47 | नहीं है ओबवियसली वो
  • 48:54 | लेजनेवा इतना चीजें मुझे करनी है 2026 तक मुझे लाइफ के अंदर इतनी चीज पता कैसे होगा
  • 49:01 | वो मुझे नहीं पता मुझे बर इतनी चीज पता है कि इतना मुझे अमाउंट करना है क्योंकि अगर
  • 49:06 | आप अपने आपको को वो गोलस डिफाइन दे देते हो वो एक टारगेट दे देते हो ना तो वो अपने आप हो जाता है वो यूनिवर्स आपको उस
  • 49:12 | अकॉर्डिंग जो है पुश करता है वो आपको अपॉर्चुनिटी देता है क्योंकि जब एक इंसान उठता है ना ओबवियस सी बात है जब अच्छा
  • 49:19 | करने लग जाता है तो उसको उठाने वाले भी लोग होते हैं और उसको गिराने वाले भी लोग मिलते हैं ठीक है पर वो जो उठाने वाले लोग
  • 49:26 | है ना उसके साथ रह कर के वो इतना उठ जाता है सबसे पहली बात तो यह है कि अपने गोल्स को जो है वो डिफाइन करो लिखो कि आपको
  • 49:32 | एगजैक्टली चाहिए क्या है और गिव अप इतनी जल्दी मत करो ठीक है क्योंकि आज का जो
  • 49:38 | आपका स्ट्रगल है वो कल आपका जो है अचीवमेंट क्रिएट होगा ही होगा इससे ना मुझे एक स्टोरी याद आती है स्टोरी है कि
  • 49:44 | मतलब मैंने कहीं पर ऐसा रीड किया था कि एक जो है ना मूर्तिकार के पास ना दो पत्थर
  • 49:49 | आते हैं ठीक है दो पत्थर आते हैं एंड उसको ना उसकी मूर्तियां बनानी होती है तो एक पत्थर को वो तो तोड़ता है छैनी हथोड़ा
  • 49:56 | लेकर के आता है उसके ऊपर यू नो उसको कंस्ट्रक्ट करता है और एक अच्छी मूर्ति में उसको जो है उसको तब्दील करना होता है ठीक है वो एक पत्थर लेकर के आता है उसको
  • 50:03 | मार रहा है मार रहा है मार रहा है कि उसकी जो है वो एक आकार जो है एक डिजाइन जो है वो क्रिएट कर पाए ठीक है बट उस पत्थर को
  • 50:09 | इतना ज्यादा दर्द होता है ना कि वो उस मूर्तिकार को कहता है कि बस कर मुझे मत मार ठीक है क्योंकि मुझसे ये दर्द सहन
  • 50:14 | नहीं हो पा रहा उसे सहन नहीं हो पाता तो वो मूर्तिकार हंस के कहता है चल ठीक है तुझे साइड में रख देता हूं वो दूसरा पत्थर
  • 50:20 | लेकर के आता है और दूसरे पत्थर को कहता है तुझे दर्द होगा मैं पहले ही बता रहा हूं तो कंटिन्यू करूं तो कहता है कर कर वो
  • 50:26 | स्टार्ट करता है वो मारता है उसको वो हंस करके सारे दर्द को जो है वो फील करता है पर बोलता नहीं है मब उसको दर्द भी होता है
  • 50:33 | लेकिन वो फिर भी बर्दाश्त करता है वो बर्दाश्त करता है उसको दर्द भी होता है पर वो कहता है कि नहीं तू कंटिन्यू कर वो
  • 50:39 | कंटिन्यू करता है और उसको मूर्ति में तब्दील कर लेता है इतने में जिसने ऑर्डर दिया था कि भाई इसकी मूर्ति बनानी है ठीक
  • 50:45 | है वो मूर्तिकार के पास आता है और अपना ऑर्डर लेकर के जाता है जब वो आता है जो बंदे ने जिसने ऑर्डर दिया होता है वो उसको
  • 50:51 | बोलता है कि ये वाला जो पत्थर है अब इसका तू क्या करेगा अगर कुछ नहीं कर कर रहा है तो इसको भी मंदिर के अंदर ही हम स्थापित
  • 50:57 | कर देते हैं जहां पर मूर्ति लगी है ना उसी के साइड के अंदर साइड में करके वो पत्थर को डिजाइन कर दे इस हिसाब से और यहां पर
  • 51:04 | जो है लोग नारियल फोड़ें और इसकी पूजा करेंगे अब यहां पर जब वो मूर्ति जो है मंदिर के अंदर स्थापित होती है जो मूर्ति
  • 51:10 | ने कहा जिस पत्थर ने कहा था कि भाई तू करता ना रहने दे रहने दे रहने दे राइट तो
  • 51:16 | वो अब हर बारी उसको दर्द हो रहा है क्यों क्योंकि उसके ऊपर जो है हर बारी नारियल जो है वो फूट रहा है जो है वो इंसान जो है
  • 51:23 | आकर के फोड़ रहे हैं और मूर्ति की पूजा हो रही है और वहां पर मूर्ति स्माइल करके बोलती है जो उसका पत्थर है कि अगर उस टाइम
  • 51:30 | पे तू दर्द सह लिया होता तो आज जो है तुझे ये स्ट्रगल फेस नहीं करना होता तो मोरल ऑफ
  • 51:35 | द स्टोरीज कि तुम्हें सक्सेस मिलेगी पर जो तुम्हें आज जिस भी हिसाब से तुम्हारी सिचुएशंस है तुम जो स्ट्रगल फेस कर रहे हो
  • 51:42 | राइट इसको जो है ना एंब्रेस करो इस जर्नी से प्यार करो और कंटिन्यू रखो ठीक है आज
  • 51:48 | नहीं तो कल मिल जाएगी अगर तुम क्विट नहीं करोगे क्योंकि लोगों का जो एटीट्यूड होता है जो कि मुझे लगता है कि आज जितना जल्दी
  • 51:55 | हो उतना आज स्टार्ट किया है तो दो महीने में रिजल्ट आ जाए तीन महीने में आ जाए छ महीने में आ जाए और अगर उस हिसाब से जो
  • 52:01 | तुम सोच रहे हो नहीं हो रहा होता तो तुम बहुत जल्दी क्विट कर देते हो वो चीज अगर तुम उसे ओवरकम कर जाओगे और कंटिन्यू रखोगे
  • 52:09 | तो हो जाएगा व्ट अ ब्यूटीफुल स्टोरी व्हाट अ ब्यूटीफुल स्टोरी अगर तुम कर लोगे आज
  • 52:15 | झेल लोगे तो बहुत बढ़िया जिंदगी भर पूछ जाओगे और आज अगर वही कहते हैं ना बचपन में
  • 52:20 | कि याशी अगर आज करोगे तो भाई जिंदगी भर नारियल फूट सर के ऊपर देख लेना बहुत इट
  • 52:26 | वाज लवली हैविंग यू ऑन द पॉडकास्ट एंड सच में यू हैव इंस्पायर्ड अस अ लॉट मुझे पता है कि लोगों को भी बहुत मजा आया इस
  • 52:32 | पॉडकास्ट को सुनते हुए एंड मैं ये कहता हूं कि यार हमें ना अगर यहां इस पॉडकास्ट प एक व्यू आते हैं पांच व्यू आते हैं 100
  • 52:39 | व्यू आते हैं या फिर एक लाख व्यू आते हैं मुझे भी और मुझे पता है कि ओसन को भी व्यू
  • 52:45 | से फर्क नहीं पड़ता है हमें फर्क पता है कहां पड़ता है अगर एक बंदा भी सिर्फ एक
  • 52:50 | बंदा क्योंकि पता है एक बंदा अपनी जिंदगी बदलता है तो वो बहुत सारे लोगों की जिंदगी अपने साथ साथ साथ बदल लेता है जैसे फॉर
  • 52:57 | एग्जांपल ओशन तो ओशन हैज बिकम अ गर्ल जो बहुत लोगों को अब वो मैसेज पहुंचा रही है
  • 53:03 | जो मैसेज एक टाइम पे मैं चाहता था कि यार लोगों तक पहुंचे समझ रहे हो ओशन हैज बिकम अ पार्ट ऑफ आवर मिशन कि ईच वन टीच वन वाली
  • 53:10 | चीज कि अगर मुझे कोई चीज पता है जैक ईव कस्तू एक बहुत बढ़िया फिलोसोफर मतलब स्विमर भी थे और फिलोसोफी भी मतलब
  • 53:18 | फिलोसोफर भी थे एक तरीके से उन्होंने एक बात बोली कि इफ यू नो सम एक्स्ट्राऑर्डिनरी वेज टू लिव एन
  • 53:23 | एक्स्ट्राऑर्डिनरी लाइफ यू हैव नो राइट टू कीप इट टू योरसेल्फ आपके पास कोई हक नहीं
  • 53:28 | है कि आप उस बात को अपने तक रखो आपको लोगों को पहुंचाना चाहिए लोगों को बताना चाहिए तो हमें फर्क पता है किस चीज से
  • 53:34 | पड़ता है कि एक इंसान भी अपनी जिंदगी अगर बदल लेना और कोई एक बात भी आज के इस पॉडकास्ट से तुमको समझ में आ गई हो और तुम
  • 53:40 | वाकई में अपनी जिंदगी को बदलने की तरफ थोड़े से कदम लेने शुरू कर दो आज से हमारा
  • 53:45 | इस पॉडकास्ट को करने का पर्पस सक्सेसफुल हो जाएगा बाद में आज कमेंट करके जा सकते
  • 53:50 | हो कि हां मैं करने वाला हूं मेहनत और बाद में इसी कमेंट के ऊपर आके आप कमेंट कर सकते हो हो कि सी आई ऑलरेडी टोल्ड यू एंड
  • 53:57 | हैव मेड इट क्योंकि हो सकता है ना हर इंसान मेरे तक ना पहुंच पाए इन तक ना पहुंच पाए और वो वादा ना कर पाए जो वादा
  • 54:03 | इन्होंने एक टाइम पे मेरे को किया था तो आप यहीं पे कमेंट के अंदर बता सकते हो कि आई विल मेक इट एंड आके फिर यार वहीं पे
  • 54:09 | कमेंट के नीचे बता देना कि सी आई हैव ऑलरेडी टोल्ड यू आई मेड इट ऑलराइट आपके कोई भी सवाल हो अगर ओशन से आपको पूछना हो
  • 54:16 | तो आप जरूर नीचे कमेंट्स कर सकते हो अगला माइलस्टोन जब भी अचीव करेंगे हम दोबारा
  • 54:21 | इनको इनवाइट करेंगे आप दोबारा आएंगे एंड उस टाइम पे आपके भी ट क्वेश्चन जितने भी होंगे जो सही क्वेश्चन मुझे लगेंगे उनको
  • 54:28 | मैं पुट अप करूंगा उनको मैं इनसे पूछूंगा थैंक यू सो मच ओशन फॉर बीइंग विद अस य टेक केर

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