$38,000 Per Month USA Affiliate Marketing Roadmap | USA Affiliate Marketing Earning Proof



Per Month from Solo Ads USA Affiliate Marketing | Warrior+ Affiliate Marketing Earning Proof Live Earning Proof / How to Earn …

  • 0:00 | अगर आप एफिलिएट मार्केटिंग बिजनेस के थ्रू
  • 0:02 | $0000 $2000 $0000 पर मंथ का बिजनेस बनाना
  • 0:07 | चाहते हैं। हां, मैं इसे बिजनेस कह रहा
  • 0:09 | हूं। कोई अर्निंग नहीं। यह जो भी अर्निंग
  • 0:11 | वाले मेथड होते हैं, उसके लिए आपको
  • 0:12 | छोटे-मोटे मेथड फॉलो करने होंगे। बट यहां
  • 0:15 | पर इतने बड़े अर्निंग को अचीव करने के लिए
  • 0:17 | $0000 के अर्निंग को अचीव करने के लिए
  • 0:19 | आपको एक बिज़नेस एफिलिएट मार्केटिंग को एज
  • 0:22 | अ बिज़नेस लेना पड़ेगा। तभी आपका यह बिज़नेस
  • 0:24 | सक्सेसफुली इतने बड़े इनकम को जनरेट कर
  • 0:27 | पाएगा। सो एफिलिएट मार्केटिंग बिजनेस अगर
  • 0:30 | आप इतना बड़ा इनकम जनरेट करना चाहते हो तो
  • 0:32 | क्या मेथड रहेगा? किस तरह से आपको इसको
  • 0:35 | पूरा इंप्लीमेंट करना है? क्या-क्या चीजें
  • 0:37 | हमें ध्यान में रखनी चाहिए? मैं आपको
  • 0:39 | इसमें सक्सेसफुल रोड मैप भी बताऊंगा कि
  • 0:41 | किस तरह से आप यहां पर अच्छे रेवेन्यू
  • 0:43 | निकाल सकते हो। क्या उसका रोड मैप रहेगा।
  • 0:45 | तो सारे चीज हम लोग डिस्कस करने वाले हैं
  • 0:47 | इस वीडियो में। एंड वीडियो को बहुत ध्यान
  • 0:50 | से देखिएगा। बहुत ही इंपॉर्टेंट मैंने
  • 0:52 | यहां पर चीजें बताई हुई है। बहुत ही
  • 0:54 | इंपॉर्टेंट चीजें हैं। सो एंड सॉरी फॉर
  • 0:57 | लास्ट दो महीने से मैं वीडियो नहीं डाल पा
  • 0:59 | रहा था। बहुत सारी चीजों में बिजी था। एंड
  • 1:01 | अपने बिज़नेस को और थोड़ा ग्रोथ पर लेके आ
  • 1:03 | रहा था एफिलिएट मार्केटिंग बिज़नेस को। सो
  • 1:05 | मैं आपको अपने अर्निंग प्रूफ भी दिखाऊंगा।
  • 1:07 | वीडियो के लास्ट में बहुत सारी चीजें चेंज
  • 1:09 | हो चुकी है। सो वीडियो के लास्ट तक आप लोग
  • 1:11 | बने रहिए। लास्ट में मैं आपको अर्निंग
  • 1:12 | प्रूफ भी दिखाऊंगा। थोड़ी मोटिवेशन
  • 1:14 | मिलेंगे। साथ में मिलकर के काम करते हैं
  • 1:16 | तो अच्छा लगता है। मोटिवेट करते रहते हैं
  • 1:17 | एक दूसरे को। सो स्टार्ट करते हैं। चलते
  • 1:19 | हैं अपने कंप्यूटर स्क्रीन पर। स्टार्ट
  • 1:21 | करते हैं वीडियो को। सो आगे बढ़ने से पहले
  • 1:23 | आप लोग चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिएगा।
  • 1:25 | वीडियो को लाइक जरूर कर दीजिएगा। एंड
  • 1:27 | कमेंट करके बताइए कि आपको यह वीडियो कैसा
  • 1:29 | लगा। एंड इससे थोड़ा मोटिवेशन मिलता है
  • 1:31 | मुझे भी। मैं आगे और भी ऐसे वीडियोस लाता
  • 1:33 | रहूं। सो, अब बात करते हैं कि एफिलिएट
  • 1:35 | मार्केटिंग में लोग फेल क्यों हो जाते
  • 1:37 | हैं? मैं आपको एक एवरेज एफिलिएट मार्केटर
  • 1:40 | का लाइफ बताता हूं। वो कैसे काम करते हैं।
  • 1:42 | तो, सबसे पहले एफिलिएट मार्केटिंग के लिए
  • 1:44 | एफिलिएट मार्केटिंग के लिए सबसे
  • 1:46 | इंपॉर्टेंट चीज क्या है? वो होता है कि
  • 1:48 | आपके पास एक अच्छा ऑफर होना चाहिए। अच्छा
  • 1:50 | प्रोडक्ट होना चाहिए। तो लोगों को
  • 1:51 | प्रोडक्ट मिल जाता है dजी स्टोर पर वॉलेट
  • 1:53 | प्लस पर क्लिक बैंक पर जेजू बहुत सारे
  • 1:56 | अलग-अलग जगह से आप ऑफर फाइंड आउट कर सकते
  • 1:58 | हो। एंड ऑफर के बाद जो दूसरा सबसे
  • 2:00 | इंपॉर्टेंट चीज होता है कि हमें ट्रैफिक
  • 2:02 | सेंड करना है। अब इस पर ट्रैफिक सेंड करने
  • 2:04 | के लिए यह ट्रैफिक बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट
  • 2:06 | है। जितना ज्यादा आप ट्रैफिक सेंड करोगे
  • 2:08 | उतना ज्यादा आप सेल्स निकाल पाओगे। जितना
  • 2:10 | ज्यादा हाई क्वालिटी ट्रैफिक सेंड करेंगे
  • 2:12 | उतना ज्यादा बड़े-बड़े सेल्स या फिर
  • 2:14 | बड़े-बड़े अपसेल्स हम लोग निकाल पाते हैं।
  • 2:16 | तो सारा चीज डिपेंड करता है किस पर?
  • 2:18 | ट्रैफिक पर। अब ट्रैफिक के लिए लोग कहां
  • 2:20 | पर चले जाते हैं? या तो ऑर्गेनिक मेथड पर
  • 2:22 | वो चले जाएंगे जो कि ऑब्वियसली आज के समय
  • 2:24 | काम नहीं करता। मैं लिख करके दे सकता हूं
  • 2:26 | ये चीज। हो सकता है कुछ लोगों का काम करे।
  • 2:28 | बट मैं लिख करके दे सकता हूं कि अराउंड
  • 2:30 | 95% लोगों का काम नहीं हो सकता। वहां पे
  • 2:33 | उनके सेल्स नहीं आएंगे। एंड अगर 5% लोगों
  • 2:36 | के भी आ ही आ भी जाते हैं तो वो बहुत ही
  • 2:39 | कम होगा। एंड एक दो सेल्स पांच सेल्स से
  • 2:41 | आपका कुछ बड़ा इनकम नहीं बन जाएगा। वो एक
  • 2:44 | दो बार सेल्स आते हैं। उसके बाद कंपटीशन
  • 2:46 | बहुत ज्यादा है ना। एफिलिएट मार्केटिंग
  • 2:48 | में कंपटीशन बढ़ने के कारण ऑर्गेनिक मेथड
  • 2:50 | भी अच्छा चलता था बट कंपटीशन के कारण ये
  • 2:53 | चीज खराब हो जाते हैं। सो दूसरा जो
  • 2:56 | ट्रैफिक लाने का ऑप्शन मिलता है लोगों के
  • 2:58 | पास वो मिलता है सोशल मीडिया ट्रैफिक।
  • 3:00 | Google एड्स, Facebook एड्स, Bing एड्स इन
  • 3:03 | सारे प्लेटफार्म से वो लोग ट्रैफिक परचेस
  • 3:05 | करते हैं एंड अपने ऑफर पेज पर भेजते हैं
  • 3:08 | ट्रैफिक पेज पर। सो ये चीज बहुत अच्छा काम
  • 3:12 | करता था। नो डाउट ये चीज बहुत अच्छा काम
  • 3:15 | करता था। मैंने भी पर्सनली इसको बहुत
  • 3:17 | ज्यादा टाइम दिया है। अराउंड मेरे को
  • 3:18 | एक्सपीरियंस हो गया है। छ सात साल का
  • 3:20 | एक्सपीरियंस हो गया है एफिलिएट मार्केटिंग
  • 3:22 | में। एंड मैंने स्टार्टिंग के तीन साल तो
  • 3:24 | मैंने सिर्फ Google एड्स एंड Facebook
  • 3:26 | एड्स मतलब स्टार्टिंग के एड्स एड्स के ऊपर
  • 3:28 | ही दिया है। तो मैंने अच्छे रिजल्ट्स भी
  • 3:30 | निकाले हैं। तो लेकिन आज के समय ये काम
  • 3:33 | करना बहुत मुश्किल है। क्यों मैं आपको
  • 3:35 | बताता हूं। इसमें एफिलिएट मार्केटिंग में
  • 3:37 | अभी क्या हो रहा है कि बहुत ज्यादा
  • 3:38 | कंपटीशन आ जा रहा है। एंड इसके कारण से
  • 3:41 | सभी को एफिलिएट मार्केटिंग करना है। एंड
  • 3:43 | सभी को ट्रैफिक चाहिए तो उसके लिए वो
  • 3:44 | Google एड्स एंड Facebook ऐड के पास ही
  • 3:46 | जाएंगे। ऑब्वियसली नो ऑप्शन। सो यहां पर
  • 3:49 | कंपटीशन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। एंड
  • 3:51 | इससे प्रॉब्लम क्या होता है कि यह सारे
  • 3:53 | प्लेटफार्म काम करते हैं बिडिंग के ऊपर।
  • 3:56 | एंड एक चीज है कि सपोज आप कोई प्रोडक्ट ए
  • 3:59 | प्रमोट कर रहे हो। तो प्रोडक्ट ए को आप
  • 4:01 | सिर्फ प्रमोट नहीं कर रहे हैं। बहुत सारे
  • 4:03 | लोग प्रमोट कर रहे होते हैं। इंडिया से,
  • 4:04 | पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, टियर
  • 4:07 | थ्री के कंट्रीज, टियर टू के कंट्रीज,
  • 4:08 | टियर वन सभी लोग एंड सभी लोग मिलकर के एक
  • 4:11 | ही लोकेशन यूएसए, टिए वन के तीन-चार
  • 4:13 | कंट्रीज को टारगेट कर रहे होते हैं। तो
  • 4:15 | कंपटीशन बढ़ेगा तो सेल्स आने के चांसेस
  • 4:18 | ऑब्वियसली घट जाएंगे। ये चीज क्लियर सा है
  • 4:20 | कि हमें रिजल्ट्स आने के चांसेस घट जाते
  • 4:23 | हैं। ये चीज सबको पता है कि स्टार्टिंग
  • 4:24 | में जिसके क्लिक बैंक पर बहुत अच्छे सेल्स
  • 4:26 | आते थे ना वो आज नहीं आ रहे हैं। सभी को
  • 4:28 | पता है। तो ये चीज वही होगा Google एड्स
  • 4:31 | एंड Facebook एड्स के साथ। एंड दूसरा चीज
  • 4:33 | ये है कि अगर आपको सपोज़ करिए कि $10 का
  • 4:36 | प्रोडक्ट है एंड $10 का प्रोडक्ट आपको सेल
  • 4:38 | करना है ना तो बडिंग इतना कॉमटीशन इतना
  • 4:40 | ज्यादा है तो बडिंग प्राइस भी हाई जाएगा
  • 4:42 | उस पर्टिकुलर सेगमेंट में। तो हमारा कॉस्ट
  • 4:45 | पर रिजल्ट कॉस्ट पर परचेस जिसको जिसके
  • 4:48 | कहते हैं कॉस्ट पर एक प्रोडक्ट को सेल
  • 4:50 | करने के लिए हमें कितना खर्च करना पड़ेगा?
  • 4:52 | लगभग दो गुना खर्च करना पड़ रहा है। दो
  • 4:54 | गुना डेढ़ गुना से दो गुना। तो जितना
  • 4:56 | प्रोडक्ट का प्राइस नहीं जितना कमाई नहीं
  • 4:58 | उससे ज्यादा तो खर्च है यहां। तो ये चीज
  • 5:00 | क्यों हो पा रहा है? कंपटीशन के कारण आपका
  • 5:02 | कितना भी प्रोडक्ट का प्राइस हो वो उतना
  • 5:04 | खर्च जाएगा ही जाएगा। सो यही चीज है
  • 5:07 | एफिलिएट मार्केटिंग में अगर हम लोग
  • 5:08 | ट्रैफिक Google एड्स एंड सोशल मीडिया ऐसे
  • 5:11 | प्लेटफार्म पर शिफ्ट करेंगे तो हमारा अ
  • 5:13 | रिजल्ट्स आना बहुत मुश्किल है। एंड इसमें
  • 5:16 | आप देखोगे कि इसमें सबसे ज्यादा पैसे कौन
  • 5:19 | बना रहा है? सबसे ज्यादा पैसे बना रहे हैं
  • 5:21 | ये Google एड्स एंड Facebook ऐड वाले लोग
  • 5:23 | जिनको कुछ नहीं करना। बस ट्रैफिक सेंड
  • 5:24 | करना है। ट्रैफिक सेंड किया उनको अपना
  • 5:27 | पैसे मिल गए। दूसरा है कि ये वेंडर जिसने
  • 5:30 | इस प्रोडक्ट को बनाया हुआ है। ये सबसे
  • 5:32 | ज्यादा पैसे बना रहे होते हैं। क्योंकि
  • 5:33 | इन्हें भी कुछ नहीं करना। इनका प्रोडक्ट
  • 5:35 | प्रमोट हो करके सेल्स मिल मिल जाता है
  • 5:37 | इन्हें। एंड हम लोग एज अ एफिलिएट मार्केटर
  • 5:40 | हमने बहुत सारे मेहनत करे। बहुत सारी
  • 5:42 | चीजें सेट करी एंड सभी को पैसा कमवा दिया
  • 5:44 | बट हमारा ही बार-बार लॉस हो जाता है।
  • 5:46 | क्यों हो जाता है? क्योंकि हम लोग यहां पर
  • 5:48 | एग्रीगेटर की तरह काम कर रहे होते हैं।
  • 5:50 | बिचोलिया की तरह काम कर रहे होते हैं।
  • 5:52 | हमारा हम दूसरे का ऑफर उठाते हैं एंड
  • 5:55 | दूसरे के ट्रैफिक पर प्रमोट करते हैं। तो
  • 5:57 | ना हमारा कोई ऑफर है ना हमारा कोई मतलब
  • 6:00 | ट्रैफिक है। एंड बीच में जो मार्जिन बचता
  • 6:02 | है ट्रैफिक प्रमोट करने के बाद ट्रैफिक पर
  • 6:04 | तो वो उसको हम लोग एज अ प्रॉफिट मानते थे।
  • 6:07 | बट आज के समय कंपटीशन इतना होने के कारण
  • 6:09 | बडिंग इतना ज्यादा जाने के कारण कॉस्ट पर
  • 6:11 | प्राइस बढ़ गया है। हमारा मार्जिन घटता जा
  • 6:13 | रहा है एंड आज के समय लॉस में बदल चुका
  • 6:15 | है। तो इस कारण से हमारा लॉस होता है।
  • 6:17 | यहां पर आप जो भी ऑडियंस है इसमें से दो
  • 6:19 | तरीके के लोग होंगे। एक जिनका कुछ सेल्स
  • 6:22 | निकला होगा या फिर कुछ सेल्स आए होंगे। एक
  • 6:24 | जिनका कोई भी सेल्स पैसे बर्बाद हुए। तो
  • 6:26 | पैसे बर्बाद हुए हैं तो सीधा सा बात है कि
  • 6:28 | आपका कंपटीशन बहुत ज्यादा था उस नीश में
  • 6:31 | जिस कारण से आपको सेल्स नहीं मिला।
  • 6:32 | कंपटीशन ज्यादा सेल्स नहीं। दूसरा है कि
  • 6:34 | अगर सेल्स मिला भी तो प्रॉफिट नहीं हुआ
  • 6:36 | होगा। अच्छा प्रॉफिट तो बिल्कुल भी नहीं
  • 6:38 | हुआ होगा। तो यह प्रॉब्लम से अगर आप लोग
  • 6:41 | भी मतलब फमिलियर हैं और बहुत ज्यादा
  • 6:43 | परेशान है तो मैं भी परेशान था। बहुत सारे
  • 6:46 | चीज मैंने भी फेस करे हुए हैं। सो क्या हो
  • 6:49 | रहा है कि हमें कुछ ना कुछ अपना बनाना
  • 6:50 | पड़ेगा यहां पर। हम लोग दूसरे का चीजों को
  • 6:52 | प्रमोट कर रहे हैं। हमें कुछ ना कुछ अपना
  • 6:54 | करना पड़ेगा। हम लोग या तो अपना ट्रैफिक
  • 6:55 | बिल्ड अप करेंगे या तो अपना ऑफर बिल्ड अप
  • 6:57 | करेंगे। तो ट्रैफिक बिल्ड अप करना बेस्ट
  • 7:00 | तरीका है ऑफर के कंपेयर में क्योंकि ऑफर
  • 7:02 | को बिल्ड अप करना बहुत ज्यादा टाइम का चीज
  • 7:04 | है। बहुत एक्सपीरियंस लगता है। सो ट्रैफिक
  • 7:07 | हमें बिल्ड करना होगा अपना और इतना बड़ा
  • 7:09 | कि कम से कम हम लोग एफिलिएट प्रोडक्ट को
  • 7:11 | तो जरूर प्रमोट कर पाए। तो अब ट्रैफिक
  • 7:13 | कैसे बिल्ड अप करना है इसके बारे में अगर
  • 7:15 | मैं बात करूं। सो ट्रैफिक बिल्ड करने का
  • 7:19 | सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपना ऑडियंस
  • 7:22 | क्रिएट करिए। ऑडियंस क्रिएट करिए। अब
  • 7:24 | ऑडियंस क्रिएट करने का जो सबसे बेस्ट
  • 7:26 | तरीका है वो ईमेल लिस्ट बिल्ड करना है।
  • 7:29 | ईमेल लिस्ट। अब जितने भी बड़े से बड़े
  • 7:32 | एफिलिएट मार्केटर हैं जिनको भी आप जानते
  • 7:34 | हो जिनको भी आप फॉलो करते हो एंड मैं उन
  • 7:36 | लोगों का बात नहीं कर रहा जो कोर्स सेल
  • 7:38 | करते हैं या फिर जिनको बस अपने अलग कोर्स
  • 7:41 | से ही मतलब है वो सब चीज अलग चीज होते
  • 7:43 | हैं। मैं उनके बारे में बात भी नहीं करना
  • 7:45 | चाहता। मैं बस सीधा सा यह बोल रहा हूं कि
  • 7:46 | जो जिनका बिजनेस एफिलिएट मार्केटिंग पर
  • 7:48 | डिपेंडेंट है वहां से वो रिजल्ट्स ला रहे
  • 7:50 | हैं तो उनका उनका मतलब आप ट्रैफिक सोर्स
  • 7:54 | जानोगे ना तो वो होता है ईमेल लिस्ट
  • 7:57 | ऑब्वियसली एंड वॉरियर प्लस पर आप हो तो
  • 8:00 | आपको आईडिया होगा कि जो भी सारे वेंडर्स
  • 8:02 | है ना वो आपको प्रोडक्ट अप्रूवल देने के
  • 8:04 | टाइम आपसे पूछते हैं कि आपका ईमेल लिस्ट
  • 8:06 | कितना है या फिर आपको वो ईमेल स्वाइप्स
  • 8:09 | देते हैं जिसको आप वो मेल करो तो उनको भी
  • 8:11 | पता है कि जो बड़े एफिलिएट मार्केटर हैं
  • 8:13 | जो सीरियस एफिलिएट मार्केटर हैं उनके उनके
  • 8:15 | पास अपना ईमेल लिस्ट जरूर होगा। इसलिए
  • 8:16 | उन्होंने ईमेल स्वाइप बना करके रखा हुआ
  • 8:18 | है। थोड़ा सा सोचिए। ठीक है? एंड जो भी
  • 8:21 | बड़े-बड़े वेंडर्स हैं आप जिसको भी देखते
  • 8:23 | हो ग्लिन कोस की माइकल जेने जितने भी सारे
  • 8:26 | वेंडर्स हैं वो सारे वेंडर्स का अपना ईमेल
  • 8:29 | लिस्ट जरूर होता है। ठीक है? तो इसलिए वो
  • 8:32 | लोग इतने बड़े एफिलिएट मार्केटर हैं। वो
  • 8:34 | लोग भी एफिलिएट मार्केटर हैं। सो ऑडियंस
  • 8:36 | बिल्ड अप करना है। एंड जैसे मेरे पास अभी
  • 8:38 | अराउंड 60000 ईमेल लिस्ट है। मैंने अभी
  • 8:40 | रिसेंटली बहुत ज्यादा बिल्ड अप किया है।
  • 8:42 | जैसे मेरे पास 60000 ईमेल लिस्ट है। अभी
  • 8:45 | जो यूएसए के लोग हैं एंड जो मतलब वेल्थ
  • 8:48 | नीश में इंटरेस्टेड हैं, कैटेगरी में
  • 8:50 | इंटरेस्टेड हैं। तो मैं कोई प्रोडक्ट
  • 8:52 | प्रमोट नहीं करता। मैं कोई मतलब एड्स में
  • 8:54 | प्रोडक्ट प्रमोट नहीं करता सोशल मीडिया
  • 8:56 | में। मेरे को कोई भी प्रोडक्ट का अप्रूवल
  • 8:58 | मिलता है। मैं डायरेक्टली ईमेल लिस्ट में
  • 8:59 | अपना ईमेल लिखता हूं। एंड लास्ट में
  • 9:02 | एफिलिएट लिंक लगा करके सेंड कर देते हैं।
  • 9:04 | अब यहां से बहुत सारे लोग ओपन करते हैं
  • 9:06 | एंड बहुत सारे क्लिक्स भी मिल जाते हैं।
  • 9:08 | अराउंड 1000 क्लिक से भी ज्यादा हमें मिल
  • 9:10 | जाते हैं पर डे। अब इतना ज्यादा क्लिक्स
  • 9:13 | अगर हम लोग सेंड करेंगे अपने एफिलिएट ऑफर
  • 9:15 | की तरफ तो कितना ज्यादा हम लोग सेल्स
  • 9:17 | निकाल सकते हैं। 5% 2% भी मान के चलिए तो
  • 9:20 | बहुत अच्छा सेल्स निकाल सकते हैं हम लोग
  • 9:21 | यहां से। कुछ अपसेल भी होंगे बड़े-बड़े
  • 9:23 | सेल्स। तो ये रेगुलर सेल्स हो जाते हैं।
  • 9:25 | अब यहां पर कुछ लोगों का सवाल मैंने लास्ट
  • 9:27 | कमेंट से लास्ट मैंने कमेंट सेक्शन में
  • 9:29 | देखा था कि एक का सवाल था कि अगर मैं इन
  • 9:32 | सारे ऑडियंस को डेली मेल भेजूं एंड डेली
  • 9:34 | मैं उसे मतलब परेशान करूं तो क्या वो
  • 9:39 | बार-बार ओपन करेंगे या फिर बाकी सारे लोग
  • 9:40 | भी तो मेल कर रहे होंगे। तो देखिए ये सारे
  • 9:42 | ऑडियंस आपने बनाए हुए हैं। ठीक है? जैसे
  • 9:45 | मैंने क्या किया है? ये सारे ऑडियंस बनाए
  • 9:46 | हैं। अब यहां पर मेरे पास दो ऑप्शन है। या
  • 9:49 | तो मैं इसको मेल करूं अच्छे से तरीके से
  • 9:52 | या फिर मैं इसको छोड़ दूं। मैं यह सोचूं
  • 9:55 | कि यार ये परेशान हो जाए एंड मैं इनको
  • 9:58 | परेशान नहीं करना चाहता। मैं ये दो ऑप्शन
  • 10:01 | है मेरे पास। तो मैं क्या करूंगा? मैं इसे
  • 10:03 | परेशान करूंगा। क्यों? क्योंकि इसको
  • 10:05 | परेशान करने परेशान नहीं मतलब एक तरह से
  • 10:07 | मैं इसे मेल भेज रहा हूं ताकि ये सारे में
  • 10:09 | से मैं निकाल पाऊं कि इंगेज्ड ऑडियंस
  • 10:11 | कितने हैं। इसमें से ऑब्वियसली सारे लोग
  • 10:14 | बहुत अच्छे नहीं होते हैं। इसमें से मेरे
  • 10:16 | पास अराउंड 20,000 ही ऐसे लोग हैं जो बहुत
  • 10:19 | ज्यादा इंगेज्ड ऑडियंस है जो अक्सर मेरे
  • 10:22 | मेल को ओपन करती है। मेरे मेल को बार-बार
  • 10:25 | ओपन करती है। एंड इसमें से 5 6000 ऐसे लोग
  • 10:27 | हैं जो रेगुलर बाय करती है प्रोडक्ट। मतलब
  • 10:29 | बहुत ज्यादा प्रोडक्ट बाय कर करती है वो
  • 10:31 | सारी ऑडियंस। तो ये सारे इंगेज्ड ऑडियंस
  • 10:34 | ये कैसे मिल पाएंगे मुझे? सिर्फ ईमेल
  • 10:36 | कलेक्ट करने से नहीं होता। उसको एकद बार
  • 10:38 | मेल करने से नहीं होता। सही तरीके से मेल
  • 10:40 | करना होता है। अपने ऑडियंस को इंगेज करना
  • 10:43 | होता है। ट्रस्ट डेवलप करना होता है। तो
  • 10:45 | यह सारे मेल्स करने होंगे। तरीका है उस
  • 10:47 | चीज का। खैर उस चीज में मैं उतना गहराई
  • 10:49 | में नहीं जा रहा हूं। तो जब तक मैं मेल
  • 10:51 | नहीं करता ये सारे इंगेज्ड ऑडियंस मुझे
  • 10:53 | नहीं मिल पाते। इंगेज्ड ऑडियंस नहीं मिलते
  • 10:55 | तो मुझे बयरर्स नहीं मिल पाते अपने
  • 10:57 | प्रोडक्ट के लिए। एंड बायरर्स नहीं मिलते
  • 10:59 | तो हाई टिकट बायरर्स भी नहीं मिल पाते। ये
  • 11:01 | सारे तरीके हैं बड़े-बड़े $000 $2000 के
  • 11:04 | सेल्स निकालने के। खैर तो हमें ईमेल लिस्ट
  • 11:08 | बिल्ड करना है। यही अगर यही 1000 क्लिक्स
  • 11:10 | मैं डेली के जो जनरेट कर पा रहा हूं वो
  • 11:12 | कितना डॉलर मुझे खर्च करना पड़ रहा है $
  • 11:15 | अगर मुझे यहां से $500 का भी सेल आता है
  • 11:17 | जो कि ऑब्वियसली इतना मिनिमम आता ही है तो
  • 11:20 | सारे प्रॉफिट है मेरे पास लेकिन यही $000
  • 11:22 | आप Facebook एड्स के थ्रू क्लिक्स लाना
  • 11:24 | 1000 क्लिक्स अगर आप Facebook एड्स के
  • 11:26 | थ्रू लाना चाहोगे तो बहुत ज्यादा खर्च
  • 11:28 | करना पड़ेगा कितना खर्च करना पड़ेगा कम से
  • 11:30 | कम आपको यूएसए में एड्स ला रहे हैं हम लोग
  • 11:32 | ना कम से कम $2 का भी क्लिक सीपीसी मान के
  • 11:36 | चल तो हमें तो $2000 खर्च करने पड़ेंगे।
  • 11:39 | एंड $2000 हमारा खर्च ही होगा। एंड यहां
  • 11:41 | पर हमें सेल्स भी $500 ही मिल रहे हैं। तो
  • 11:44 | सोचिए लॉस ही है अल्टीमेटली। तो क्यों ना
  • 11:46 | मैं $ खर्च करूं एंड $500 के सेल बनाऊं या
  • 11:50 | फिर उससे बड़े सेल्स बनाऊं। सो ऑब्वियसली
  • 11:53 | ये चीज आज मुझे जीरो खर्च करने पड़ रहे
  • 11:55 | हैं। बट एक समय मेरे को ईमेल लिस्ट बिल्ड
  • 11:57 | करने में खर्च करना पड़ा है। इन्वेस्टमेंट
  • 11:59 | लगा है लेकिन बार-बार नहीं। यही डिफरेंस
  • 12:02 | है जो सोशल मीडिया एड्स पर अंधा पैसा
  • 12:04 | लगाते हैं एंड जो ईमेल अपना बिल्ड करते
  • 12:06 | हैं अपना ऑडियंस बिल्ड करते हैं। सो वो
  • 12:09 | लोग एक बार ऑडियंस पर पैसा लगा के ऑडियंस
  • 12:11 | बिल्ड अप करते हैं एंड रेगुलरली उसे मेल
  • 12:13 | करके ट्रैफिक एक ट्रैफिक सोर्स बना लेते
  • 12:15 | हैं। जो भी एक एक सीक्रेट मैं बताऊं आपको
  • 12:18 | एक सीक्रेट जो है अगर आपको एफिलिएट
  • 12:20 | मार्केटिंग में सक्सेसफुल होना है तो एक
  • 12:23 | ही तरीका है और कुछ नहीं। क्या तरीका है
  • 12:26 | वो? बहुत सिंपल है बट सबसे यही इंपॉर्टेंट
  • 12:29 | चीज लोगों के पास यही नहीं होता जिस कारण
  • 12:31 | से वह फेल हो जाते हैं। एंड जो भी लोग
  • 12:33 | सक्सेसफुल हुए हैं उनके पास यही था जिस
  • 12:35 | कारण से वो सक्सेसफुल हुए। तो रेगुलर वो
  • 12:38 | क्या चीज सीक्रेट है? रेगुलर टारगेटेड
  • 12:40 | क्लिक्स रेगुलर डेली के टारगेटेड क्लिक्स
  • 12:43 | आपको भेजने हैं। अपने एफिलिएट ऑफर अगर
  • 12:45 | आपके पास ऐसा ट्रैफिक सोर्स है जिससे आप
  • 12:47 | डेली के क्लिक्स भेज रहे हो तो वो
  • 12:49 | सक्सेसफुल हो सकता है। अगर सोचिए कि
  • 12:51 | Google आज सोचता है मुझे एफिलिएट
  • 12:52 | मार्केटिंग करना है। क्या वो चुटकियों में
  • 12:54 | सक्सेसफुल नहीं हो सकता? Facebook सोचता
  • 12:56 | है सोचता है कि मुझे अगर Facebook सोचते
  • 12:58 | हैं कि मुझे आज एफिलिएट मार्केटिंग करना
  • 13:00 | है तो क्या तुरंत सक्सेसफुल नहीं हो सकता।
  • 13:02 | क्यों हो पा रहे हैं वो? क्योंकि उनके पास
  • 13:04 | ट्रैफिक है। तो वैसे ही अगर आप भी एक
  • 13:06 | रेगुलर सोर्स ऑफ ट्रैफिक आप बिल्ड कर पाओ
  • 13:09 | कि डेली कि आप इतने क्लिक्स भेज रहे हो तो
  • 13:12 | आप सक्सेसफुल हो जाओगे क्योंकि 90% वही
  • 13:14 | काम है। बाकी 10% तो आप प्रोडक्ट चेंज
  • 13:16 | करते रहो। आपके आज सेल नहीं मिले कोई बात
  • 13:18 | नहीं। कल फिर आपके पास इतने क्लिक्स हैं।
  • 13:20 | फिर आप प्रोडक्ट चेक करिए। ऐसे टेस्टिंग
  • 13:22 | करते-करते आपको एक ऐसा प्रोडक्ट मिलेगा जो
  • 13:24 | बहुत ज्यादा प्रॉफिटेबल होगा एंड उस तरह
  • 13:26 | के प्रोडक्ट्स भी आप आगे कंटिन्यू करोगे
  • 13:29 | सेल्स के लिए। तो ये तरीका होता है
  • 13:31 | एफिलिएट मार्केटिंग करने का।
  • 13:34 | ठीक है? चलिए अब बात करते हैं
  • 13:38 | कि सो अब बात करते हैं कि अगर हमें ईमेल
  • 13:41 | लिस्ट बिल्ड करना है तो कैसे करना है?
  • 13:43 | क्या यह सारे ईमेल लिस्ट जो मुझे बिल्ड
  • 13:45 | करने हैं, मैं कैसे कहीं से डाउनलोड कर
  • 13:47 | लूं? मैं कहीं डाटा एक्सट्रैक्ट करके मैं
  • 13:50 | उसे मेल भेजूं तो ऐसा नहीं करना। सपोज़
  • 13:53 | करिए कि आप मेरे ईमेल लिस्ट में है। मैं
  • 13:58 | मैंने कहीं से डेटा एक्सट्रैक्ट किया,
  • 14:00 | स्कैप करा, कहीं से डाउनलोड करके बाय कर
  • 14:02 | लिया। अब वो लिस्ट को मैं मेल भेजता हूं।
  • 14:05 | आप इस लिस्ट में हैं। एंड मैं आपको मेल
  • 14:07 | भेजूंगा। आप उस मेल को ओपन भी नहीं
  • 14:09 | करेंगे। और मैं आपको मेल भेजता जा रहा
  • 14:11 | हूं। और वह सारे मेल्स जाएंगे कहां? स्पैम
  • 14:13 | में जाएंगे।
  • 14:14 | 95% ईमेल्स आपके स्पैम में जाएंगे। एंड 5%
  • 14:18 | जो लोगों के इनबॉक्स में जाएंगे भी ना वह
  • 14:21 | सारे लोग उसको ओपन भी नहीं करेंगे। ट्रस्ट
  • 14:23 | नहीं करेंगे। कौन है कि कौन से लोग मुझे
  • 14:25 | ईमेल कर रहे हैं। लिंक पर क्लिक नहीं
  • 14:27 | करेंगे। प्रोडक्ट तो दूर की बात है बाय
  • 14:28 | करना। तो हमें यह चीजें नहीं करनी। कोल्ड
  • 14:31 | ईमेल मार्केटिंग सिर्फ सर्विस के लिए काम
  • 14:33 | आता है। सर्विस के लिए अच्छा परफॉर्म करता
  • 14:35 | है। क्योंकि आप वन टू वन वहां पर ट्रस्ट
  • 14:37 | डेवलप कर रहे होते हो। सर्विस दे रहे होते
  • 14:38 | हो। बट यहां पर प्रोडक्ट सेल कर रहे होते
  • 14:41 | हो तो कोल्ड ईमेल मार्केटिंग काम नहीं
  • 14:43 | आएगा। हमें ईमेल लिस्ट खुद से डेवलप बिल्ड
  • 14:45 | करना है। ऑडियंस आए आपके पेज पर आपके बारे
  • 14:48 | में जाने एंड ऑप्टेन पेज पर आने के बाद वो
  • 14:51 | ईमेल डाले। आप कुछ ऐसा वैल्यू प्रोवाइड
  • 14:53 | करोगे जिस कारण से वो आपके साथ कनेक्ट
  • 14:55 | होगा। तो ये पूरा बिज़नेस है जिसे कहते हैं
  • 14:58 | ईमेल मार्केटिंग करना। एंड अब ईमेल कलेक्ट
  • 15:01 | करना हम लोग कहां से ईमेल कलेक्ट करें?
  • 15:02 | लोगों का बहुत सारे लोग होंगे जो Facebook
  • 15:04 | एड्स के थ्रू ईमेल कलेक्ट करते हैं। तो
  • 15:06 | हमें ये सारे चीज भी नहीं करनी चाहिए।
  • 15:09 | Facebook एड्स के थ्रू। क्यों? क्योंकि आप
  • 15:11 | सोचिए ना कि यूएसए में एड्स चलाने का
  • 15:14 | कॉस्ट आई होप मैं जो भी बोल रहा हूं थोड़ा
  • 15:17 | फास्ट में बोल रहा हूं क्योंकि बहुत सारी
  • 15:19 | चीजें बताने के लिए इस बिनेस में बट सपोज़
  • 15:22 | करिए कि अगर आप ईमेल कलेक्ट करना चाहते हो
  • 15:24 | आपको समझ में आ गया आपको लग गया चमक गया
  • 15:27 | कि आपको ईमेल ही कलेक्ट करना है ऑडियंस ही
  • 15:30 | बिल्ड अप करना है अब ऑडियंस बिल्ड अप करने
  • 15:32 | के लिए मैं ट्रैफिक तो लाऊंगा ना क्लिक्स
  • 15:34 | लाऊंगा अपने ऑप्टिन पेज की तरफ ईमेल
  • 15:37 | कैप्चरिंग पेज की तरफ अब ट्रैफिक कहां से
  • 15:40 | मैं लाऊं, Facebook ऐड से लाऊं, Google ऐड
  • 15:42 | से लाऊं, कहां से लाऊं? तो Facebook ऐड से
  • 15:44 | बहुत सारे लोग होंगे जिन्होंने लाए होंगे
  • 15:46 | क्लिक्स। तो उनका उनका प्रॉब्लम भी यही
  • 15:49 | होगा। दो तीन रीजन बताता हूं कि क्यों
  • 15:51 | Facebook ऐड से अगर आप लीड लाते हो अपने
  • 15:54 | क्लिक्स लाते हो तो वो चीज खराब होता है।
  • 15:57 | वह सही नहीं काम करता है। पहला
  • 15:59 | कि Facebook में तो पहले ही उस नीश में
  • 16:03 | जिस नीश में आप काम कर रहे थे उस नीश में
  • 16:06 | बहुत ज्यादा कंपटीशन है। तो हमारा कॉस्ट
  • 16:08 | पर क्लिक सीपीसी बहुत ज्यादा हाई जाएगा।
  • 16:11 | एंड क्लिक्स ही बहुत ज्यादा हाई जाएगा। तो
  • 16:13 | कॉस्ट पर लीड भी बहुत ज्यादा हाई जाएगा।
  • 16:16 | लीड मतलब एक ईमेल का कॉस्ट। तो अगर आपके
  • 16:18 | पास एक ईमेल ही बहुत ज्यादा पैसे खर्च
  • 16:20 | करके आएंगे तो उतना तो हम लोग रिकवर भी
  • 16:22 | नहीं कर पाएंगे बाय सेल्स। तो हमें कॉस्ट
  • 16:24 | पर लीड बहुत महंगा मिलता है। $10 तक जाते
  • 16:27 | हैं सही तरीके से आप अगर इंगेज्ड ऑडियंस
  • 16:30 | को लेके आओगे जो उन सारे बाइंग बिहेवियर
  • 16:33 | जिनका है। दूसरा है कि Facebook ऑडियंस जो
  • 16:35 | होती है ना वो बहुत ज्यादा बिगिनर होती
  • 16:37 | है। जो लोगों ने भी Facebook ऐड रन करा है
  • 16:39 | वो ये सारी चीजों से शायद रिलेट कर पा रहे
  • 16:41 | होंगे कि Facebook एड्स के ऑडियंस आपने
  • 16:44 | लाए एंड वो मेली ओपन नहीं कर रही। क्यों
  • 16:46 | नहीं ओपन कर रही बताइए? क्योंकि वह सारे
  • 16:48 | लोग Facebook ओपनिंग ऑडियंस हैं। वह सारे
  • 16:50 | लोग ने अब आपने ऐड चलाया। एड्स चला करके
  • 16:52 | आपने छोड़ दिया। अब लोगों ने ऐड Facebook
  • 16:55 | ओपन करा एंड आपके ऐड पर क्लिक करा। उनको
  • 16:57 | कुछ लालच दिया आपने कुछ फ्री गिफ्ट दिया।
  • 17:00 | उस कारण से उन्होंने रजिस्टर कर दिया।
  • 17:01 | ईमेल दे दिया। क्या चांसेस है कि वो सारे
  • 17:03 | ईमेल्स रियल होंगे। नहीं हो सकते ना?
  • 17:06 | चांसेस कम है। दूसरा चीज है कि क्या
  • 17:08 | चांसेस है कि वो सारे लोग आपके ईमेल ओपन
  • 17:11 | करेंगे। नहीं करेंगे। क्यों? क्योंकि वो
  • 17:13 | सारे लोग Facebook ओपनिंग ऑडियंस हैं।
  • 17:14 | उन्हें Facebook आपको नहीं पता कि वो सारे
  • 17:16 | लोग ईमेल ओपन भी करते हैं या नहीं करते।
  • 17:18 | समझ रहे हैं? तो हमें ऐसे ऑडियंस चाहिए जो
  • 17:22 | ईमेल ओपन करती हो। Facebook से जो भी
  • 17:25 | ट्रैफिक आपको मिलेगा वो ईमेल लॉन्ग टर्म
  • 17:28 | में ओपन नहीं करती या फिर कम करती है। कुछ
  • 17:31 | लोग मिलेंगे बट बहुत कम मिलेंगे। एंड थर्ड
  • 17:34 | है कि ये सारे लोग ना Facebook से जो भी
  • 17:36 | लोग आते हैं वो नर्चरर्ड नहीं होते। उसको
  • 17:38 | नर्चरिंग बहुत ज्यादा करना पड़ेगा। आपको
  • 17:40 | 30 दिन तक तो नर्चर करना पड़ेगा। नेचर
  • 17:42 | मतलब आप उनको फ्री वैल्यू प्रोवाइड करोगे
  • 17:44 | जिस कारण से वो लोग आपके साथ कनेक्ट होंगे
  • 17:46 | एंड फिर 31 डे आप उसे प्रोडक्ट प्रमोट
  • 17:49 | करोगे तो ये बहुत लंबा टाइम होता है 30
  • 17:51 | डेज तक फॉलो अप करना या फिर 30 डेज तक आप
  • 17:54 | उनको न्चर करना इसमें बहुत सारे लीड्स ऐसे
  • 17:57 | होंगे जो आपको छोड़ के चले जाएंगे तो
  • 17:59 | सॉलशन क्या है चलिए प्रॉब्लम्स तो आपने
  • 18:02 | शिवम बता दिया लेकिन इसका सॉलशन क्या है
  • 18:05 | सशन यह है कि
  • 18:06 | आप अलग तरीके से बाय मत करो आप समझो कि जो
  • 18:11 | वो आप करना चाहते हो क्या करना चाहते हो
  • 18:13 | आप बनाना चाहते हो 10,000 ईमेल लिस्ट
  • 18:16 | टारगेट क्या है आपका 10,000 ईमेल लिस्ट हम
  • 18:18 | लोग बिल्ड करना चाहते हैं अ एक सेकंड
  • 18:24 | ओके सो हम लोग बिल्ड करना चाहते हैं
  • 18:26 | 10,000 ईमेल लिस्ट अ वेल्थ कैटेगरी में
  • 18:29 | हेल्थ कैटेगरी में जो भी आपका कैटेगरी है
  • 18:31 | तो आप उस कैटेगरी में जो बड़े प्लेयर हैं
  • 18:34 | जो बड़े हीरो हैं उनसे आप डायरेक्टली ईमेल
  • 18:38 | ट्रैफिक बाय करोगे जैसे कोई वेंडर होंगे
  • 18:40 | के जो ट्रैफिक अपना सेल करते हैं कौन सा
  • 18:42 | ट्रैफिक? ईमेल ट्रैफिक जिनका सपोज़ करिए 10
  • 18:46 | लाख का ईमेल लिस्ट है। ठीक है? अब वो अपने
  • 18:49 | ईमेल में अगर एक भी आपका मतलब जो भी
  • 18:51 | एफिलिएट ऑफर सेंड करेंगे तो बहुत ज्यादा
  • 18:53 | क्लिक्स निकाल सकते हैं। तो आप उनको अगर
  • 18:55 | एक कुछ एक अमाउंट दोगे तो वो क्लिक्स आपके
  • 18:57 | ऑप्टेन पेज पर भी वो सेंड कर सकते हैं। तो
  • 19:00 | इसे कहते हैं सोलो
  • 19:01 | वेंडर्स। सोलो वेंडर्स जो ट्रैफिक सेल
  • 19:05 | करते हैं जो अपने ईमेल लिस्ट से फायदा
  • 19:07 | नंबर वन कॉस्ट पर लीड बहुत कम आएगा। एक
  • 19:10 | लीड का कॉस्ट बहुत कम होगा कंपेयर टू
  • 19:12 | Facebook ऐड। ठीक है? एंड फिक्स्ड होगा।
  • 19:14 | Facebook के थ्रू के जैसा बजट कंपटीशन के
  • 19:18 | कारण ऊपर नीचे नहीं होगा। इसका फिक्स्ड
  • 19:20 | होता है। दूसरा बहुत तेजी से आप स्केल कर
  • 19:23 | सकते हो। वहां पर Facebook ऐड चलाने का
  • 19:24 | एक्सपर्टीज चाहिए। यहां पर कुछ नहीं है।
  • 19:25 | बस आपने सेट किया एंड आपके बहुत अच्छे
  • 19:28 | रिजल्ट्स आने लग जाते हैं। एंड सेकंड थर्ड
  • 19:31 | जो है एंड थर्ड जो है सबसे बेस्ट चीज है
  • 19:34 | कि आपके पास जो भी सारे ऑडियंस मिलते हैं
  • 19:36 | ना वो ईमेल ओपनिंग ऑडियंस होती है।
  • 19:38 | क्योंकि आपने जहां से ट्रैफिक बाय किया है
  • 19:40 | वो ईमेल ही तो था। उन्होंने लोगों ने ईमेल
  • 19:43 | पढ़ा एंड लिंक पर क्लिक करा एंड आपके
  • 19:45 | ऑप्टेन पेज पर आए। तो यह चीज है। एंड थर्ड
  • 19:49 | फोर्थ एंड फोर्थ जो सबसे और बेस्ट चीज है
  • 19:52 | आपको नर्चरर्ड लीड मिलती है। जो भी सारे
  • 19:54 | लीड्स मिलेंगे आपको वो नर्चरर्ड रहेंगे।
  • 19:57 | नर्चरर्ड रहेंगे। मतलब वेंडर खुद अपने
  • 20:00 | ऑडियंस को तो मेल कर रहा होगा ना। तो जो
  • 20:02 | डेली डेली मेल ओपन कर रहे हैं वही सारे
  • 20:04 | ऑडियंस आपके पास आएंगे। तो वो सारे लोग
  • 20:06 | ऑलरेडी हॉट ऑडियंस है या वार्म ऑडियंस है।
  • 20:09 | आप उनको बिना नर्चर करे डायरेक्टली डे वन
  • 20:11 | से प्रोडक्ट सेंड कर सकते हो। प्रोडक्ट पर
  • 20:13 | आपके सेल्स भी आएंगे। तो यह तरीका होता है
  • 20:16 | बिजनेस बनाने का। ईमेल लिस्ट बिल्ड कर
  • 20:18 | लीजिए। आपका लॉन्ग टर्म में सारे प्रॉब्लम
  • 20:21 | सॉल्व हो जाते हैं। ठीक है? एंड एक और चीज
  • 20:23 | एक और वार्निंग है। ये सुन के आप ऐसा मत
  • 20:26 | समझिएगा कि हम सभी लोग कर लेंगे। इतना इजी
  • 20:29 | भी नहीं है। बट हां कर सकते हैं। बट इसके
  • 20:32 | लिए सपोज़ करिए कि आपने थोड़ा पैसा खर्च करा
  • 20:34 | एंड आपने 10,000 ईमेल लिस्ट 100 ईमेल
  • 20:37 | लिस्ट बना लिया। 100 ईमेल लिस्ट। तो आप
  • 20:39 | 100 ईमेल लिस्ट से कुछ बड़ा सेल्स नहीं
  • 20:41 | निकाल पाओगे। सेल्स आ सकते हैं बट बहुत
  • 20:43 | कम। या फिर ना के बराबर। तो इससे कोई
  • 20:45 | बिजनेस नहीं बनने वाला। तो अगर हमें सही
  • 20:48 | तरीके से करना है। अब अगर आप टारगेट कर
  • 20:50 | रहे हो बड़े ईमेल लिस्ट का लाइक 10,000
  • 20:52 | ईमेल लिस्ट बिल्ड करने हैं। हमें लॉन्ग
  • 20:53 | टर्म इस बिनेस को खेलना है, बनाना है।
  • 20:55 | अपना एक बड़ा ऑडियंस साइज बनाना है। तो आप
  • 20:58 | इस बिज़नेस में सक्सेसफुल हो सकते हो। जो
  • 21:00 | लोग छोटे-मोटे अर्निंग करने के लिए आने
  • 21:01 | वाले हैं इस सोलो एड्स वाले बिज़नेस में तो
  • 21:05 | वो तुरंत से ही फेल हो जाएंगे। तो अच्छा
  • 21:06 | है कि मत करिए। बट अगर आप यह सोचते हो कि
  • 21:09 | मुझे लॉन्ग टर्म तक अपना एक बिज़नेस बनाना
  • 21:11 | है एफिलिएट मार्केटिंग में। ईमेल लिस्ट
  • 21:13 | बिल्ड करना है बड़े लेवल पर। ठीक है? तो
  • 21:16 | थोड़ा बजट भी लगता है। बट हां, बड़े लेवल
  • 21:18 | पर। तो आप इस बिजनेस को बहुत अच्छे तरीके
  • 21:20 | से सक्सेसफुली कर सकते हो अगर आप यह सोचते
  • 21:22 | हो तो। ठीक है? तो मैंने सारी चीजों को
  • 21:25 | अच्छे तरीके से तो बता ही दिया है। सो अब
  • 21:27 | आपको मैं अपने वॉारियर प्लस अकाउंट पर
  • 21:29 | लेके चलता हूं। वॉारियर प्लस अकाउंट
  • 21:31 | वॉरियर प्लस पर आप जाएंगे। बहुत अच्छे
  • 21:33 | प्रोडक्ट्स यहां पर आपको मिल जाते हैं
  • 21:35 | प्रमोट करने के लिए। एंड सही तरीके से अगर
  • 21:37 | आप करते हो इस बिजनेस को तो बहुत अच्छा
  • 21:39 | सक्सेसफुल हो सकते हो। आप बड़े लेवल पर जा
  • 21:41 | सकते हो। सो डैशबोर्ड पर चलते हैं।
  • 21:46 | एंड या सो यह मेरा अकाउंट है। एंड एफिलिएट
  • 21:49 | पर चलेंगे। एफिलिएट के सारे डिटेल्स यहां
  • 21:51 | पर मिल जाते हैं। डैशबोर्ड पर क्लिक
  • 21:53 | करेंगे। सो यह हमारा डैशबोर्ड है। आज का
  • 21:55 | हमारा अर्निंग $532 के आसपास हुआ है। अभी
  • 21:58 | कम हुए हैं। रात को यूएसए ऑब्वियसली रात
  • 22:00 | को ज्यादा एक्शन होता है वहां पर। एंड कल
  • 22:03 | के हमारी अर्निंग $926 के आसपास हुई है।
  • 22:06 | एंड लास्ट से डेज में
  • 22:09 | $9130 के आसपास हुई है। एंड लास्ट 30 डेज
  • 22:11 | में यह इंपॉर्टेंट चीज है। पहले मेरा
  • 22:14 | लास्ट 30 डेज का अराउंड
  • 22:17 | $728,000 के आसपास होता था। बट रिसेंटली
  • 22:19 | मैंने इस दो महीने में मैंने बहुत सारे
  • 22:21 | चीजों को इंप्लीमेंट करा है। बहुत सारे
  • 22:23 | ट्रैफिक बाय किए हैं। बहुत सारे टेस्टिंग
  • 22:25 | करा है। इनफैक्ट। सो फनल में भी थोड़े
  • 22:27 | चेंजेस गिरे हैं करे हैं। सो अभी हमारा
  • 22:30 | लास्ट 30 डेज का $38,000 के आसपास बना हुआ
  • 22:33 | है। ओके? सो मैं इसको एक बार रिफ्रेश भी
  • 22:35 | कर देता हूं। ओके। सो मैं वीडियो को और
  • 22:39 | लंबा नहीं करना चाहता। बहुत सारे चीजें
  • 22:40 | बताने के लिए। बट मैंने जो भी हो सका
  • 22:43 | मैंने बताया। बट अगर आपको इस बिज़नेस में
  • 22:45 | इंटरेस्ट है सोल एड्स बिज़नेस को आप सीरियस
  • 22:47 | हो एफिलिएट मार्केटिंग में। एंड अच्छे से
  • 22:49 | डिटेल में जानना चाहते हो सोल एड्स बिनेस
  • 22:52 | को तो मैंने एक वीडियो बनाया हुआ है। एक
  • 22:54 | फ्री मास्टर क्लास मैंने डिजाइन करा हुआ
  • 22:55 | है। एंड उस मास्टर क्लास में मैंने सारे
  • 22:58 | चीज बताए हुए हैं अच्छे तरीके से कि आपको
  • 23:00 | कितना बजट रिक्वायर्ड है। किस तरह से हम
  • 23:02 | लोग पूरा मार्केटिंग कर रहे होंगे। कैसे
  • 23:04 | हम लोग आगे स्टेप बाय स्टेप क्या हमारा
  • 23:06 | रोड मैप रहता है एंड $00 $00 कैसे हम लोग
  • 23:10 | बना सकते हैं इस बिज़नेस से? क्या रोड मैप
  • 23:12 | रहेगा एग्जैक्टली वो सारे चीज मैंने उस
  • 23:14 | मास्टर क्लास में डिस्कस करे हुए हैं। तो
  • 23:17 | नीचे लिंक तो आपको मिल जाएगा डिस्क्रिप्शन
  • 23:19 | पर। आप लिंक पर क्लिक कर सकते हो एंड
  • 23:21 | अच्छे से टाइम निकाल करके उस 30 मिनट्स का
  • 23:24 | मास्टर क्लास को आप अच्छे तरीके से देखिए।
  • 23:26 | आपको पूरा क्लेरिटी मिल जाएगा इस बिज़नेस
  • 23:28 | के बारे में। सो आई होप गाइस कि आपको इस
  • 23:30 | वीडियो से कुछ ना कुछ नया चीजें सीखने को
  • 23:32 | मिली होंगी एफिलिएट मार्केटिंग के बारे
  • 23:33 | में। आप भी इस चीजों को इंप्लीमेंट करके
  • 23:35 | अपने बिज़नेस में एफिलिएट मार्केटिंग के
  • 23:36 | बिज़नेस को कुछ और नए लेवल पर ले जा पाओगे।
  • 23:41 | सो और भी अगर आपको सोलो एड्स के बारे में
  • 23:44 | ईमेल मार्केटिंग सोलो एड्स के बारे में
  • 23:46 | अगर आपको और अच्छे से डिटेल में जानना है
  • 23:48 | तो नीचे लिंक डिस्क्रिप्शन में दिया गया
  • 23:50 | है। आप उस लिंक पर क्लिक करके 30 मिनट्स
  • 23:53 | का मास्टर क्लास आप अच्छे तरीके से देख
  • 23:55 | सकते हो। आराम से देखिए। सारी चीजें मैंने
  • 23:57 | वहां पर बताए हुए हैं। चीजें बहुत अच्छे
  • 23:59 | तरीके से क्लियर हो जाएंगी। ओके? सो
  • 24:02 | वीडियो अच्छा लगा हो तो आप लाइक कर दीजिए
  • 24:04 | वीडियो को एंड कमेंट करके बताइए वीडियो
  • 24:06 | कैसा लगा। एंड कोई भी क्वेश्चन हो तो आप
  • 24:08 | कमेंट पर पूछ सकते हैं। साथ में चैनल को
  • 24:10 | सब्सक्राइब कर दीजिए ताकि मैं ऐसे और भी
  • 24:12 | वीडियोस आपके लिए लाता रहूं। थैंक यू सो
  • 24:14 | मच गाइस। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में।
  • 24:16 | और भी कुछ जानना हो आपको सोल एड्स के बारे
  • 24:19 | में या फिर और भी वीडियोस आपको देखने हो
  • 24:20 | तो यहां पर आपको कुछ मिल जाएंगे। आप जा
  • 24:22 | करके देख सकते हैं। थैंक यू सो मच गाइस।
  • 24:24 | बाय। टेक केयर।

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